
बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर भयानक सड़क हादसा झारखंड के साहिबगंज जिले में एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर छोट रांगा डांड ब्रिज जंक्शन के पास एक यात्री ऑटोरिक्शा और तेल टैंकर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक स्कूली बच्ची समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन बच्चों समेत कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों

बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर भयानक सड़क हादसा झारखंड के साहिबगंज जिले में एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर छोट रांगा डांड ब्रिज जंक्शन के पास एक यात्री ऑटोरिक्शा और तेल टैंकर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक स्कूली बच्ची समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन बच्चों समेत कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों

Ganga Plastic Pollution: उच्च जैव विविधता वाले क्षेत्र में पैकेजिंग अपशिष्ट सर्वाधिक गंगा नदी के उच्च जैव विविधता वाले क्षेत्रों में Ganga Plastic Pollution लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जलीय जीवन और पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि झारखंड के साहिबगंज जिले के लाल बथानी और राधानगर के बीच के 34 किलोमीटर क्षेत्र में पैकेजिंग अपशिष्ट सबसे अधिक पाया गया। यह क्षेत्र गंगा डॉल्फिन और स्मूथ कोटेड ओटर्स जैसी लुप्तप्राय जलीय प्रजातियों का प्रमुख आश्रय स्थल है। Also Read: हिंगोली किसान

Ganga Plastic Pollution: उच्च जैव विविधता वाले क्षेत्र में पैकेजिंग अपशिष्ट सर्वाधिक गंगा नदी के उच्च जैव विविधता वाले क्षेत्रों में Ganga Plastic Pollution लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जलीय जीवन और पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि झारखंड के साहिबगंज जिले के लाल बथानी और राधानगर के बीच के 34 किलोमीटर क्षेत्र में पैकेजिंग अपशिष्ट सबसे अधिक पाया गया। यह क्षेत्र गंगा डॉल्फिन और स्मूथ कोटेड ओटर्स जैसी लुप्तप्राय जलीय प्रजातियों का प्रमुख आश्रय स्थल है। Also Read: हिंगोली किसान