Rashtra Bharat Logo

गड़चिरोली की आश्रमशाला में तीन छात्राओं की मौत पर उठे सवाल, वसंत पुरके ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

गड़चिरोली की आश्रमशाला में तीन छात्राओं की मौत पर उठे सवाल, वसंत पुरके ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
Gadchiroli ashramshala school student deaths Vasant Purke Statement: गड़चिरोली की आश्रमशाला में तीन छात्राओं की मौत पर उठे सवाल, वसंत पुरके ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग (Image: AI)

Gadchiroli ashramshala school student deaths Vasant Purke Statement: गड़चिरोली जिले की एक आश्रमशाला में तीन छात्राओं की मौत पर पूर्व शिक्षा मंत्री प्रा. वसंत पुरके ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारण सामने आने चाहिए। पुरके ने उच्चस्तरीय जांच, पोस्टमार्टम और चिकित्सा रिपोर्ट की जांच, अन्य विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मृत छात्राओं के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

तीन छात्राओं की मौत के बाद आश्रमशाला की व्यवस्था पर उठे सवाल

Gadchiroli ashramshala school student deaths Vasant Purke Statement: गड़चिरोली जिले की एक आश्रमशाला में तीन छात्राओं की मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के आदिवासी सेल के प्रदेशाध्यक्ष प्रा. वसंत पुरके ने इस मामले में सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “यदि इन मौतों के पीछे कोई प्राकृतिक कारण नहीं है, तो यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या के समान है।”

प्रा. पुरके के अनुसार, आदिवासी क्षेत्रों की आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रशासन की होती है। एक ही संस्थान में तीन छात्राओं की मौत को उन्होंने बेहद गंभीर विषय बताया और मामले की निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

वसंत पुरके ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

उन्होंने यह भी कहा कि आश्रमशालाओं में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थी परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन की है। समय पर चिकित्सा सुविधा, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पानी और जरूरी स्वास्थ्य जांच न मिलना अधिकारियों की जवाबदेही का विषय है।

प्रा. पुरके ने मृत छात्राओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैद्यकीय अहवाल और आश्रमशाला की सुविधाओं की जांच की मांग की। साथ ही अन्य विद्यार्थियों की तत्काल स्वास्थ्य जांच कराने की बात कही।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी विद्यार्थियों के जीवन के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई तथा मृत छात्राओं के परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है।

प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।