Rashtra Bharat Logo

Mumbai Maratha Samaj News: मराठा समाज में फडणवीस के खिलाफ द्वेष फैलाने की साजिश – जयदीप कवाडे (Jaydeep Kawade)

Mumbai Maratha Samaj News: मराठा समाज में फडणवीस के खिलाफ द्वेष फैलाने की साजिश – जयदीप कवाडे (Jaydeep Kawade)
Mumbai Maratha Samaj News
Updated:
·by
Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
Share:

विषयसूची

मुंबई।
मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में गर्माहट बढ़ती जा रही है। इस बीच पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं महाराष्ट्र लघु उद्योग विकास महामंडल के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) जयदीप जोगेंद्र कवाडे ने आंदोलन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमेशा न्यायसंगत, कानूनी और टिकाऊ आरक्षण देने का प्रयास किया है, लेकिन विपक्षी दल राजनीतिक षड्यंत्र के तहत समाज को गुमराह कर रहे हैं।


फडणवीस पर द्वेष फैलाने का आरोप | Mumbai Maratha Samaj News

कवाडे ने आरोप लगाया कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के इशारे पर कुछ लोग अनशन और अफवाहों का सहारा लेकर मराठा समाज को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन वास्तविक सामाजिक प्रतिनिधियों का नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के इशारे पर चल रहा एक राजनीतिक खेल है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री फडणवीस के खिलाफ द्वेष पैदा करना है।

Also Read: 
Nagpur Raje Mudhoji Bhonsle News: राजे मुधोजी भोसले ने मराठा आंदोलन पर तोड़ी चुप्पी, बताया अपना रुख


ठोस आरक्षण और महायुति सरकार की पहल | Mumbai Maratha Samaj News

जयदीप कवाडे ने स्पष्ट किया कि महायुति सरकार ने मराठा समाज के लिए ऐसा आरक्षण सुनिश्चित किया है, जो न्यायालय में भी टिक सके। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने मिलकर आरक्षण के मुद्दे को हल करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।


आंदोलनकारी राजनीतिक मोहरे, समाज में फूट डालने की कोशिश

कवाडे ने आंदोलनकारियों को समाज के वास्तविक प्रतिनिधि मानने से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक षड्यंत्र के मोहरे हैं। उनके अनुसार इस आंदोलन के जरिए मराठा और ओबीसी समाज के बीच दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।


शांति की अपील और विपक्ष पर गुमराह करने का आरोप | Mumbai Maratha Samaj News

कवाडे ने मराठा समाज से अपील की कि वह शांति और धैर्य का मार्ग अपनाए और सरकार के प्रयासों पर भरोसा करे। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगें न तो व्यवहारिक हैं और न ही कानूनी दृष्टि से संभव। उनका सीधा आरोप था कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे केवल राजनीतिक लाभ के लिए समाज को गुमराह कर रहे हैं।