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मुंबई में जर्जर एस-आर-ए भवनों के पुनर्विकास के लिए नई नीति तैयार

मुंबई में जर्जर एस-आर-ए भवनों के पुनर्विकास के लिए नई नीति तैयार
SRA Redevelopment 2025: मुंबई में पुराने एस-आर-ए भवनों के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी (File Photo)

मुंबई की जर्जर एस-आर-ए इमारतों के पुनर्विकास के लिए सरकार ने नई नीति तैयार की है। एस-आर-ए प्राधिकरण को DCPR-2034 में बदलाव का प्रस्ताव दो महीनों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद पुनर्विकास का नया प्रारूप तैयार होगा। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर सुविधाओं वाले घर मिल सकें।

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Asfi Shadab
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मुंबई में जर्जर एस-आर-ए इमारतों के पुनर्विकास पर सरकार का नया कदम

मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना के अंतर्गत बनी कई एस-आर-ए इमारतें अब बहुत पुरानी और कमजोर हो चुकी हैं। इन इमारतों की हालत इतनी खराब हो गई है कि उनमें रहना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है। विधान परिषद के सभागृह में इस विषय को सदस्य सचिन अहीर ने उठाया। उन्होंने पूछा कि इन इमारतों के पुनर्विकास को लेकर सरकार की क्या योजना है।

इस प्रश्न का उत्तर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से मंत्री शंभूराजे देसाई ने दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 23 जुलाई 2025 को जारी की गई नई गृहनिर्माण नीति में विशेष प्रावधान जोड़े हैं, जिनका उद्देश्य जर्जर एस-आर-ए इमारतों का तेज पुनर्विकास करना है।

नई नीति में क्या शामिल है

सरकार द्वारा जारी की गई नई नीति में यह तय किया गया है कि उन सभी एस-आर-ए इमारतों की सूची तैयार की जाए जो अब रहने योग्य नहीं बची हैं। इन इमारतों के पुनर्विकास को नई योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।

नीति के अनुसार, DCPR-2034 में कई बदलाव किए जाएंगे। यह बदलाव उन नियमों से जुड़े होंगे जो पुनर्विकास कार्य में बाधा बनते हैं। इसके लिए सरकार ने एस-आर-ए प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह उचित प्रस्ताव बनाकर दो महीनों के भीतर सरकार को भेजे।

SRA Redevelopment 2025: मुंबई में पुराने एस-आर-ए भवनों के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी
SRA Redevelopment 2025: मुंबई में पुराने एस-आर-ए भवनों के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी (File Photo)

प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया

मंत्री देसाई ने बताया कि एस-आर-ए प्राधिकरण को पहले पुराने भवनों की हालत की जांच करनी होगी। इसके बाद हर इमारत की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। मुकम्मल रिपोर्ट और प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद सरकार नया प्रारूप तैयार करेगी। इस प्रारूप के आधार पर आगे का पुनर्विकास कार्य किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि जब तक एस-आर-ए प्राधिकरण से उचित प्रस्ताव नहीं आता, तब तक बदलाव लागू करना संभव नहीं है। इसलिए दो महीनों में यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नई योजना से मिलने वाले फायदे

नई पुनर्विकास नीति का उद्देश्य केवल इमारतों को नया बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करना भी है। नई योजना के अनुसार बनने वाली इमारतों में निम्न सुविधाएं दी जाएंगी:

  • मजबूत निर्माण

  • सुरक्षित ढांचा

  • आग से सुरक्षा की व्यवस्था

  • साफ पानी की सुविधा

  • बेहतर सीवेज लाइन

  • लिफ्ट और आम जगहों में साफ-सफाई

  • आसपास बेहतर वातावरण

सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से लोगों के जीवन में बड़ा सुधार होगा और उन्हें एक सुरक्षित घर मिलेगा।

नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

मंत्री देसाई ने कहा कि कई एस-आर-ए इमारतों में बड़े खतरे हैं। कई जगह दीवारों में बड़ी दरारें हैं। कुछ इमारतों में बारिश के समय पानी भर जाता है। कई इमारतों की सीढ़ियां टूटने लगी हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।

इसी वजह से सरकार ने विशेष पुनर्विकास योजना तैयार की है। यह योजना लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक को कमजोर इमारतों में रहने के लिए मजबूर न होना पड़े।

मुंबई में पुनर्विकास की गति बढ़ेगी

नई नीति लागू होने के बाद उम्मीद है कि मुंबई में पुनर्विकास की गति बढ़ेगी। कई एस-आर-ए प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरे पड़े हैं। इन प्रोजेक्टों को भी नई नीति के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार चाहती है कि काम बिना रुकावट के पूरा हो और लोगों को जल्द नया घर मिले।

नई नीति के कारण प्रशासनिक प्रक्रिया भी तेज होगी। इससे हर चरण में लगने वाला समय कम होगा और पुनर्विकास जल्द पूरा होगा।

एस-आर-ए प्राधिकरण की भूमिका

नई नीति में एस-आर-ए प्राधिकरण को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उसे इमारतों का निरीक्षण, रिपोर्ट तैयार करना, पुनर्विकास की योजना बनाना और नागरिकों की शिकायतें सुनना जैसे कामों को समय पर पूरा करना होगा। प्राधिकरण को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण कार्य सही तरीके से पूरा हो और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश

मंत्री शंभूराजे देसाई ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को सुरक्षित, टिकाऊ और अच्छी सुविधाओं वाले घर देना है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित पुनर्विकास कार्य को अब तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि नई नीति से मुंबई के हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।

मुंबई की एस-आर-ए इमारतों की स्थिति को देखते हुए सरकार ने जो कदम उठाए हैं, वे नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। नई नीति से उन सभी परिवारों को सुरक्षित घर मिलने का रास्ता खुलेगा जो आज जर्जर इमारतों में रहने को मजबूर हैं। आने वाले दिनों में नीति के लागू होने के बाद पुनर्विकास का काम तेज होने की उम्मीद है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।