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Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan: 18 सितंबर को होगी महिलाओं की शिकायतों की जनसुनवाई

Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan
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Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan: 18 सितंबर को जनसुनवाई

महिलाओं की समस्याओं को सीधे जिला स्तर पर सुनने और समाधान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (Maharashtra State Women Commission) ने विशेष पहल की है। इस पहल का नाम है “Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan”, जिसके अंतर्गत 18 सितंबर 2025 को नागपुर जिले में महिलाओं की शिकायतों की जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे सदर स्थित जिला नियोजन भवन में होगा।

महिलाओं तक न्याय की पहुँच

आयोग का कहना है कि मुंबई स्थित मुख्यालय तक पहुँचना दूर-दराज़ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए आसान नहीं है। इसी वजह से यह अभियान शुरू किया गया, ताकि महिलाएँ अपने ही जिले में आकर अपनी समस्याएँ रख सकें। Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan इसी प्रयास का हिस्सा है, जिससे न्याय हर महिला की पहुँच तक पहुँच सके।

Rupali Chakankar का संदेश

महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर Rupali Chakankar ने कहा, “हमारी कोशिश है कि कोई भी महिला अन्याय का शिकार होकर चुप न रहे। आयोग अब उनके द्वार तक पहुँच रहा है।” उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव या किसी भी अन्याय से जुड़ी अपनी शिकायतें इस जनसुनवाई में दर्ज कराएँ।

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मौके पर कार्यवाही का भरोसा

इस जनसुनवाई में केवल शिकायतें दर्ज ही नहीं होंगी, बल्कि मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, विधि सलाहकार (Legal Advisors), समुपदेशक (Counselors) और समन्वयक (Coordinators) कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस प्रकार हर शिकायत का समाधान तत्काल शुरू किया जाएगा।

सामाजिक बदलाव की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि Nagpur Mahila Aayog Aapke Dwar Abhiyaan जैसी पहल से न केवल महिलाओं की व्यक्तिगत समस्याएँ सुलझेंगी, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण और न्याय की नई मिसाल भी कायम होगी। जब महिलाओं की आवाज़ स्थानीय स्तर पर सुनी जाती है, तो यह उन्हें साहस और आत्मविश्वास देता है।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

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