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आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, समिति विवाद ने बढ़ाई चर्चा

आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, समिति विवाद ने बढ़ाई चर्चा
Dr Ambedkar Jayanti celebration Dhammajyot Yatra: शहर में जश्न और समिति विवाद से बढ़ी हलचल (File Photo)

Dr Ambedkar Jayanti celebration Dhammajyot Yatra: नागपुर में आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर जश्न मनाया। धम्मज्योत यात्रा, आधी रात का उत्सव और “जय भीम” के नारों से माहौल गूंज उठा। इसी बीच समिति के पुनर्गठन को लेकर विवाद सामने आया, जिससे यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया।

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Asfi Shadab
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शहर में आंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब

Dr Ambedkar Jayanti celebration Dhammajyot Yatra: शहर में आंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाबनागपुर में धम्मज्योत यात्रा से आधी रात तक उत्सव

नागपुर। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर नागपुर की सड़कों पर भीम सैनिकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रात 8 बजे इंदोरा बुद्ध विहार से ‘डॉ. आंबेडकर धम्मज्योत यात्रा’ की शुरुआत हुई। यात्रा का मार्गदर्शन भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने किया।

यात्रा से पहले सामूहिक बुद्ध वंदना की गई और बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सफेद वस्त्र धारण किए हजारों उपासक-उपासिकाएं इस मिरवणूक में शामिल हुए। पंचशील ध्वज, नीली टोपी और धम्म के प्रतीकों से सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। “बुद्धं शरणं गच्छामि” के जयघोष के साथ यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई संविधान चौक पहुंची।

रात ठीक 12 बजे केक काटकर जयंती मनाई गई। “जय भीम” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। नीले गुलाल की उधळन, ढोल-ताशों की धुन और आतिशबाजी ने माहौल उत्सवमय बना दिया। हजारों अनुयायियों की उपस्थिति से संविधान चौक नीले रंग में रंगा नजर आया।

समिति विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

चरित्र-साधन समिति भंग करने की मांग

इसी बीच महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चरित्र और साधन प्रकाशन समिति’ के पुनर्गठन पर विवाद गहरा गया है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. यशवंत मनोहर ने समिति को तत्काल भंग करने की मांग की है।

डॉ. मनोहर ने आरोप लगाया कि नई समिति में समरसता विचारधारा के लोगों का वर्चस्व है, जिससे बाबासाहेब के मूल विचारों से समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि समिति में आंबेडकरवादी दृष्टिकोण को सही रूप में प्रस्तुत करने वाले विद्वानों को शामिल किया जाए। डॉ. मनोहर ने कई प्रमुख आंबेडकरी विचारकों के नाम भी सुझाए और सरकार से पारदर्शी व वैचारिक रूप से स्पष्ट समिति गठित करने की अपील की।

बाबासाहेब की जयंती के दिन उठे इस मुद्दे पर अब राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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