चिकित्सा क्षेत्र में सेवा और सीखने का महत्व
Draupadi Murmu Nagpur medical convocation: नागपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है। नागपुर में आयोजित एक चिकित्सा दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक कितनी भी उन्नत हो जाए, वह करुणा, ईमानदारी और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण का स्थान नहीं ले सकती।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने, अनुसंधान और जिज्ञासा की भावना अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “एक डॉक्टर केवल रोग का इलाज नहीं करता, बल्कि मरीज के मन में आशा भी जगाता है।” कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सकों को संवेदनशील बने रहना चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखना चाहिए, जिससे आपसी विश्वास बना रहे।



तकनीक के साथ मानवीय गुण भी जरूरी
समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मधुमेह, हृदय रोग और मानसिक बीमारियों में बढ़ोतरी को चिंताजनक बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को पांच किलोमीटर के दायरे में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष पद्धतियों को भी एकीकृत किया जा रहा है।
इस अवसर पर एमबीबीएस, एमडी/एमएस, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य शाखाओं के कुल 210 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।



रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र