Abhishek Banerjee: सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई हमले और विरोध प्रदर्शन की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के बाद राज्य प्रशासन ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार लोगों को बारुईपुर अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार, कल शनिवार को अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित तृणमूल कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके काफिले का कई जगह विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की। हालात तब और बिगड़ गए जब उनके काफिले पर अंडे, जूते और अन्य सामान फेंके गए।
Stones hurled at TMC MP Abhishek Banerjee in South 24 Pargana during his visit to Sonarpur pic.twitter.com/X0uMa7hP77
— Indrajit Kundu | ইন্দ্রজিৎ (@iindrojit) May 30, 2026
अभिषेक बनर्जी को एक्स श्रेणी की सुरक्षा
घटना के बाद राज्य प्रशासन ने अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। नई व्यवस्था के तहत उनके साथ हर समय तीन सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। यह सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
हालांकि इस पूरे मामले में अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है।
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
हिरासत में लिए गए लोगों में काजल, देवाशीष, जय सेनगुप्ता, तपन मैती और आकाश के नाम सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि इनमें से कुछ लोग सोनारपुर दक्षिण की पूर्व विधायक लवली मैत्रा के करीबी बताए जाते हैं। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर किसी राजनीतिक भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहने हुए सड़क पर चलते देखा जा सकता है। सुरक्षा कारणों से उन्हें हेलमेट पहनाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विरोध प्रदर्शन अचानक हुआ था या इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति थी। वहीं इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।