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Nagpur News: महानगरपालिका में शामिल होने के बाद भी कृषि क्षेत्र की नोंद पर मनसे ने उठाया सवाल

Nagpur News: महानगरपालिका में शामिल होने के बाद भी कृषि क्षेत्र की नोंद पर मनसे ने उठाया सवाल
Hudkeshwar Narsala Agriculture Zone MNS Protest: महानगरपालिका में शामिल होने के बाद भी कृषि क्षेत्र की नोंद पर मनसे ने उठाया सवाल (Photo: RB / Jassi)

Hudkeshwar Narsala Agriculture Zone MNS Protest: नागपुर महानगरपालिका में शामिल हुडकेश्वर–नरसाला में जमीन की नोंद अब भी कृषि क्षेत्र के रूप में होने से नागरिकों को संपत्ति की खरीद-बिक्री, पंजीयन और हस्तांतरण में परेशानी हो रही है। मनसे ने जिलाधिकारी और महानगरपालिका आयुक्त को ज्ञापन देकर विशेष शिविर और संयुक्त बैठक की मांग की। 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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Asfi Shadab
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कृषि नोंद से संपत्ति के काम में नागरिकों को परेशानी

Hudkeshwar Narsala Agriculture Zone MNS Protest: नागपुर महानगरपालिका क्षेत्र में वर्षों पहले शामिल किए गए हुडकेश्वर–नरसाला परिसर में आज भी जमीनों की नोंद ‘कृषि क्षेत्र/कृषि जोन’ के रूप में दर्ज है। इस विसंगति के चलते नागरिकों को संपत्ति व्यवहार में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने जिला प्रशासन और नागपुर महानगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया है। मनसे नागपुर शहर अध्यक्ष विशाल बडगे के नेतृत्व में जिलाधिकारी तथा महानगरपालिका आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

राज्य सरकार ‘एक जिला, एक पंजीयन’ अभियान चला रही है। गौरतलब है कि यह इलाका राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्वाचन क्षेत्र में आता है, फिर भी यहां के नागरिकों को पंजीयन प्रक्रिया की विसंगतियों से जूझना पड़ रहा है।

मनसे ने कहा कि महानगरपालिका सीमा में शामिल होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शहरी विकास हो चुका है। इसके बावजूद पुरानी कृषि नोंद के आधार पर बिक्री पत्र पंजीयन, हस्तांतरण और फेरफार नोंद में बाधाएं डालना नागरिकों के साथ अन्याय है।

15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

मनसे ने 4 नवंबर 2025 के शासन निर्णय के अनुसार पात्र संपत्तियों पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही प्रलंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और महानगरपालिका, राजस्व व पंजीयन विभाग की संयुक्त बैठक बुलाकर स्पष्ट कार्यप्रणाली लागू करने की मांग भी रखी गई।

विशाल बडगे ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर दाद मांगने के साथ मनसे स्टाइल में आंदोलन किया जाएगा।

इस अवसर पर मनसे शहर सचिव घनश्याम निखाड़े, शहर उपाध्यक्ष शशांक गिरडे, गौरव पुरी, शहर सचिव निमिष पाटणकर और आदित्य राघोर्ते सहित मनसे का शिष्टमंडल उपस्थित था।

अब देखना यह है कि प्रशासन मनसे की 15 दिन की समयसीमा के भीतर इस विसंगति को दूर करता है या हुडकेश्वर–नरसाला में आंदोलन की नौबत आती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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