Rashtra Bharat Logo

नागपुर की जय भीम सहकारी पतसंस्था में 20 लाख से अधिक का घोटाला, सहकार आयुक्त को शिकायत दर्ज

नागपुर की जय भीम सहकारी पतसंस्था में 20 लाख से अधिक का घोटाला, सहकार आयुक्त को शिकायत दर्ज
Jai Bhim Cooperative Society Nagpur scam: नागपुर की पतसंस्था में लाखों रुपये की गड़बड़ी का आरोप, जांच की मांग तेज (Photo:AI)

Jai Bhim Cooperative Society Nagpur scam: नागपुर के जरीपटका स्थित जय भीम सहकारी पतसंस्था में लगभग 20 लाख रुपये की आर्थिक गड़बड़ी का आरोप सामने आया है, सदस्यों ने सहकार विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

नागपुर की जय भीम सहकारी पतसंस्था में लाखों रुपये की गड़बड़ी का आरोप

Jai Bhim Cooperative Society Nagpur scam: नागपुर | जरीपटका स्थित मिसाळ लेआउट की जय भीम सहकारी पतसंस्था में 20,50,400 रुपये से अधिक की आर्थिक अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। संस्था के सदस्य पुरुषोत्तम ऋषी मेश्राम ने अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर सहित सहकार आयुक्त एवं निबंधक सहकारी संस्था, महाराष्ट्र राज्य, पुणे को लिखित शिकायत सौंपी है।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 में संस्था के तत्कालीन प्रबंधक ने संचालक मंडल की मिलीभगत से सदस्यों की जमा राशि का दुरुपयोग किया। आरोप है कि तत्कालीन प्रबंधक ने अध्यक्ष की अनुमति के बिना बड़े आर्थिक लेन-देन किए, जो सहकार कानून और संस्था की उपविधियों का सीधा उल्लंघन है।

वर्ष 1995 से कार्यरत इस पतसंस्था में संचालकों ने स्वयं भारी मात्रा में कर्ज लिया, जो अब तक बकाया है। संस्था के कार्यक्षेत्र से बाहर के लोगों को सदस्य बनाकर उन्हें कर्ज दिया गया और उनमें से अधिकांश कर्ज भी थकीत (बकाया) हैं। कई मामलों में संचालकों और उनके परिजनों ने ही जमानतदार के रूप में हस्ताक्षर किए।

सदस्यों ने सहकार विभाग से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

इस मामले में रिपाई के नागपुर शहर महासचिव रजत महेशगवळी ने उपनिबंधक सहकारी संस्था, नागपुर शहर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो रिपाई की ओर से तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

इस दौरान मदन सोनटक्के, सुदर्शन मून, किशोर सोमकुवर सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित थे। अब सभी की निगाहें सहकार विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।