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नागपुर की 24×7 जल आपूर्ति योजना पर नितिन गडकरी की चिंता: अधूरे जलकुंभ कार्यों पर उठाए सवाल

Nagpur 24x7 Water Supply Scheme
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नागपुर में 24×7 जल आपूर्ति योजना पर नितिन गडकरी की गहन समीक्षा

परियोजना की वर्तमान स्थिति और प्रगति

नागपुर शहर में जल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘24×7 जल आपूर्ति योजना’ अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अब तक 32 में से 29 जलकुंभों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। हालांकि, एक जलकुंभ का निर्माण कार्य अभी जारी है, जबकि दो जलकुंभों में ट्रायल प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है।

इसी प्रगति को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार, 10 अक्टूबर को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक उनके नागपुर स्थित निवास पर संपन्न हुई, जिसमें नगर निगम, एमएसआईडीसी तथा ओसीडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में विधायक कृष्णा खोपड़े, मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, एमएसआईडीसी के प्रबंध संचालक बृजेश दीक्षित, मनपा की अतिरिक्त आयुक्त वसुमना पंत, तथा ओसीडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश सिंह मौजूद थे।

गडकरी ने सभी अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी मांगी और वर्तमान प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह योजना नागपुर के नागरिकों के जीवन स्तर से सीधा जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है।


गडकरी के निर्देश: अधूरे जलकुंभ शीघ्र पूरे हों

गडकरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन जलकुंभों का कार्य अधूरा है, उन्हें शीघ्रता से पूरा किया जाए ताकि नागरिकों को नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेष रूप से उन्होंने पुनापूर और भरतपुर जैसे स्मार्ट सिटी क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में जलकुंभ निर्माण जल्द पूरा किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि पूरा निर्माण होने के बावजूद जिन जलकुंभों में ट्रायल प्रारंभ नहीं हुआ, उसके पीछे क्या कारण हैं, और इस विलंब को कैसे समाप्त किया जाएगा।


स्मार्ट सिटी क्षेत्रों में जल प्रबंधन की प्राथमिकता

नागपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में जल आपूर्ति का 24×7 मॉडल एक प्रमुख कदम है। इस योजना के माध्यम से न केवल नागरिकों को सतत जलापूर्ति प्राप्त होगी, बल्कि जल अपव्यय में भी कमी आएगी।

गडकरी ने इस अवसर पर कहा कि, “हर घर तक स्वच्छ और निर्बाध जल पहुँचना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह परियोजना नागपुर को एक आदर्श नगर बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।”


अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी हुई समीक्षा

बैठक के दौरान गडकरी ने शहर के अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की भी समीक्षा की। इसमें डिक अस्पताल, नेताजी मार्केट, कॉटन मार्केट (टप्पा 1), संत्रा मार्केट (टप्पा 1) और इतवारी बाजार के चल रहे प्रोजेक्ट शामिल थे।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण हों और जनता को सीधा लाभ पहुँचे। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।


नागपुर की जल परियोजना: जनता की उम्मीदों का केंद्र

नागपुर की यह योजना केवल एक विकासात्मक परियोजना नहीं, बल्कि शहरवासियों की दीर्घकालिक आकांक्षा से जुड़ी हुई है। वर्षों से नागरिक असमान जल वितरण, पाइपलाइन क्षति और जल की बर्बादी जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं। 24×7 जल आपूर्ति योजना इन चुनौतियों के समाधान के रूप में उभरी है।

जब यह पूरी तरह कार्यान्वित होगी, तब प्रत्येक नागरिक को दिन-रात समान दबाव से जल की उपलब्धता होगी, और मीटर आधारित जल नियंत्रण प्रणाली से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।


समापन टिप्पणी: जवाबदेही और गति दोनों आवश्यक

गडकरी की समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों में केवल योजनाएँ नहीं, बल्कि कार्यान्वयन की गति और जवाबदेही भी समान रूप से आवश्यक हैं। नागपुर में 24×7 जल आपूर्ति योजना का सफल समापन शहर के बुनियादी ढांचे को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

अब देखना यह है कि प्रशासन गडकरी के निर्देशों का पालन करते हुए कितनी शीघ्रता से इन अधूरे जलकुंभों को चालू कर पाता है और नागपुर को पूर्ण जलसंतुलित शहर के रूप में स्थापित करता है।


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Asfi Shadab

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