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Nagpur Chemical Companies Safety: विस्फोटक और रासायनिक कंपनियों में एक महीने में होगी सुरक्षा जांच – जिलाधिकारी डॉ. इटनकर के निर्देश

Nagpur Chemical Companies Safety: विस्फोटक और रासायनिक कंपनियों में एक महीने में होगी सुरक्षा जांच – जिलाधिकारी डॉ. इटनकर के निर्देश
Nagpur Chemical Companies Safety Check: नागपुर जिले में विस्फोट की घटना के बाद प्रशासन ने सभी रासायनिक और विस्फोटक कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने का फैसला लिया है। एक महीने के भीतर संयुक्त टीम निरीक्षण करेगी। (File Photo)

Nagpur Chemical Companies Safety Check: नागपुर में हाल ही में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन ने जिले की सभी विस्फोटक और रासायनिक कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने का फैसला लिया है। केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर एक महीने के भीतर निरीक्षण करेंगी। अधिकारियों ने कंपनियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

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Asfi Shadab
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नागपुर में विस्फोट के बाद सभी रासायनिक और विस्फोटक कंपनियों की सुरक्षा जांच का आदेश

Nagpur Chemical Companies Safety Check: नागपुर, 9 मार्च। जिले की सभी विस्फोटक और रासायनिक कंपनियों में अगले एक महीने के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की जाएगी। यह जांच केंद्र सरकार की एजेंसियों, पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पेसो), पुलिस और राजस्व विभाग के संयुक्त सहयोग से की जाएगी।

यह निर्देश जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. विपीन इटनकर ने आज आयोजित समीक्षा बैठक में दिए।

पृष्ठभूमि: 19 मौतों ने जगाई चेतावनी

1 मार्च को नागपुर जिले में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड कंपनी में हुए भीषण विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 23 लोग घायल हुए थे। इस हादसे के अगले दिन 2 मार्च को पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने समीक्षा बैठक कर सभी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः जांच और अद्यतन आपातकालीन योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।

एक महीने के भीतर संयुक्त टीम करेगी सभी कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच

आज की बैठक में क्या हुआ

डॉ. इटनकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), कानून में संभावित सुधार और नई नियमावली पर विचार-विमर्श किया गया। तय किया गया कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी कंपनी में सुरक्षा संबंधी कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर करना अनिवार्य होगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में जुड़े जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने कहा कि कामगारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान करना आवश्यक है।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अगले एक महीने में होने वाले संयुक्त निरीक्षण के नतीजे जिले की औद्योगिक सुरक्षा नीति की दिशा तय करेंगे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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