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उत्तम त्याग धर्म पर नागपुर में हुआ विशेष आयोजन, मोह और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश

उत्तम त्याग धर्म पर नागपुर में हुआ विशेष आयोजन, मोह और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश
Nagpur Daslakshan Mahaparva Uttam Tyag Dharm: उत्तम त्याग धर्म पर नागपुर में हुआ विशेष आयोजन, मोह और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश (Photo: RB / Jassi)

नागपुर में दसलक्षण महापर्व के उत्तम त्याग धर्म: नागपुर के परवारपुरा इतवारी स्थित श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर में दसलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म मनाया गया। अभिषेक, शांतिधारा और पूजन के बाद श्री नय सागर जी महाराज ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि त्याग केवल वस्तुएं छोड़ना नहीं, बल्कि मोह, लोभ, राग-द्वेष और अहंकार से मुक्त होना है। आयोजन में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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Asfi Shadab
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उत्तम त्याग धर्म का बताया गया सही अर्थ

नागपुर में दसलक्षण महापर्व के उत्तम त्याग धर्म: नागपुर। श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, परवारपुरा, इतवारी में दसलक्षण महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। महापर्व के आठवें दिन, उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर, प्रातः 7 बजे अभिषेक और शांतिधारा के बाद दसलक्षण महापर्व पूजन संपन्न हुआ।

पूजन के बाद प.पू. 105 छुल्लक श्री नय सागर जी महाराज के सानिध्य और बाल ब्रह्मचारी पंकज भैया इसरी के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने अमृतवाणी का लाभ लिया।

प्रवचन के दौरान श्री नय सागर जी महाराज ने उत्तम त्याग धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि त्याग का वास्तविक अर्थ सांसारिक वस्तुओं को छोड़ना मात्र नहीं है, बल्कि वस्तुओं के प्रति राग-द्वेष, मोह, लोभ और अहंकार का त्याग करना है। उन्होंने कहा कि धन छोड़ना त्याग नहीं, बल्कि धन के प्रति मोह छोड़ना सच्चा त्याग है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दान और त्याग अलग-अलग भाव हैं, और राग-द्वेष से स्वयं को मुक्त करना ही उत्तम त्याग है।

Nagpur Daslakshan Mahaparva Uttam Tyag Dharm: उत्तम त्याग धर्म पर नागपुर में हुआ विशेष आयोजन, मोह और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश
Nagpur Daslakshan Mahaparva Uttam Tyag Dharm: उत्तम त्याग धर्म पर नागपुर में हुआ विशेष आयोजन, मोह और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश (Photo: RB / Jassi)

मोह, लोभ और अहंकार छोड़ने का दिया संदेश

ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुमत लल्ला जैन ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “पर्युषण महापर्व मंदिर में नहीं, मन में उतारने का पर्व है।” उन्होंने कहा कि त्याग से आत्मशुद्धि होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

आयोजन में पाषाण मंदिर नवनिर्माण समिति, श्री दि. जैन महावीर पाठशाला, विद्यासागर संस्कार केंद्र, ज्ञानोदय सेवा संघ, प्यारे ग्रुप, मित्रम ग्रुप, जैन यूनिटी ग्रुप और परवारपुरा महिलामंडल का विशेष सहयोग मिल रहा है।

ट्रस्ट अध्यक्ष आनंद जैन, उपाध्यक्ष अजय बड़कूर, मंत्री आशीष जैन, उपमंत्री मनीष जैन और जीतेन्द्र जैन ने श्रद्धालुओं से समय पर उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।

महापर्व के अगले दिनों में और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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