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नागपुर डीजे विसर्जन विवाद: नागपुर में डीजे बजाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, फिर हुआ

नागपुर डीजे विसर्जन विवाद: नागपुर में डीजे बजाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, फिर हुआ
Nagpur DJ Visarjan Clash
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Asfi Shadab
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Nagpur DJ Visarjan Clash: नागपुर में देवी विसर्जन पर BJP कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने

नागपुर में शुक्रवार को हुए Nagpur DJ Visarjan Clash ने पूरे शहर में चर्चा बटोर ली। धर्म पेट इलाके में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद हो गया। जयकारों और नारों से गूंजती यात्रा अचानक तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस ने डीजे बंद करने की कोशिश की।

विवाद की शुरुआत

दरअसल, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण और समय सीमा का हवाला देते हुए डीजे बजाने पर रोक लगाई थी। लेकिन मंडल के युवा कार्यकर्ता परंपरा का हवाला देते हुए डीजे बजाने पर अड़े रहे। पुलिस ने जब डीजे रोकने की कोशिश की, तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई।

जयकारों के बीच तनाव

धर्म पेट की सड़कों पर भक्त “जय माता दी” के नारों के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच, विवाद की वजह से कुछ देर तक यात्रा थम गई। भारी भीड़ जमा हो चुकी थी, जिससे माहौल और भी गर्म हो गया। लोगों को लगा कि कहीं विवाद बड़े टकराव में न बदल जाए।

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समझौते से हल

करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने आपसी सहमति बनाई। आखिरकार, डीजे बजाने की इजाजत दी गई ताकि विसर्जन यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। जैसे ही अनुमति मिली, भीड़ ने एक बार फिर जयकारों के साथ माहौल को भक्तिमय बना दिया।

Nagpur DJ Visarjan Clash
Nagpur DJ Visarjan Clash

वीडियो वायरल

इस घटना का वीडियो वहां मौजूद कई लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया और कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिखता है कि किस तरह कार्यकर्ता और पुलिस के बीच बहस हो रही है और बाद में समझौते के बाद यात्रा आगे बढ़ती है।

पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि त्योहारों में विवाद नहीं होना चाहिए और सभी को मिल-जुलकर धार्मिक परंपराओं को निभाना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को राजनीतिक रंग न दें।

वेब स्टोरी:

सामाजिक असर

नागपुर जैसे बड़े शहर में हुए इस Nagpur DJ Visarjan Clash ने त्योहारों में प्रशासन और आयोजकों के बीच तालमेल की अहमियत को फिर से उजागर किया है। समय रहते समाधान निकाल लिया गया, वरना विवाद बड़ा रूप ले सकता था।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।