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नागपुर के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए

नागपुर के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए
Nagpur DMF fund development works mining affected Areas: नागपुर के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए (Image: AI)

Nagpur DMF fund development works mining affected Areas: नागपुर जिले में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास की तैयारी शुरू की गई है। जनप्रतिनिधियों से प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। पेयजल, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला कल्याण, सिंचाई और ग्रामीण मार्गों सहित विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं को लागू किया जाएगा।

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Asfi Shadab
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खनन प्रभावित गांवों के विकास के लिए तैयार होगी नई कार्ययोजना

Nagpur DMF fund development works mining affected Areas: नागपुर, 5 जून। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) नागपुर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनन प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के समग्र विकास के लिए विभिन्न कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। जिला खनिकर्म विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवों के लिए प्राथमिकता के आधार पर विकास प्रस्ताव शीघ्र विभाग को भेजें।

क्या है कानूनी आधार? खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार डीएमएफ निधि का उपयोग खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाएगा।

किन क्षेत्रों में होंगे काम? दस प्राथमिक क्षेत्रों में विकास कार्यों के प्रस्ताव रखे जा सकते हैं  पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं दिव्यांग कल्याण, कौशल विकास, रोजगार सृजन, आवास, वृक्षारोपण, पशुपालन तथा पगडंडी एवं ग्रामीण सड़कें और सिंचाई।

स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल योजनाओं पर रहेगा विशेष जोर

इनमें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, मोबाइल चिकित्सा दल, समूह बीमा, कुपोषण उन्मूलन, स्वयं सहायता समूहों को सहयोग तथा कौशल प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि डीएमएफ निधि से सीमेंट-कंक्रीट सड़कों एवं नालों के बजाय ग्रामीण मार्गों के सुधार को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

प्रस्ताव के साथ क्या देना होगा? प्रत्येक प्रस्ताव के साथ आवश्यक प्रमाणपत्र, अनुमानित लागत, तकनीकी स्वीकृति एवं ग्रामसभा का प्रस्ताव संलग्न करना अनिवार्य होगा।

महसूल मंत्री एवं नागपुर-अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देशानुसार डीएमएफ विकास आराखड़ा तैयार किया जाएगा तथा निधि का पारदर्शी एवं जनकल्याणकारी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद जिला स्तरीय समिति अंतिम कार्य योजना तैयार करेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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