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Nagpur News: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान, पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील

Nagpur News: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान, पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील
Nagpur beekeeping 50 percent subsidy scheme: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान, पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील (Image: AI)

Nagpur beekeeping 50 percent subsidy scheme: महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल की मधु केंद्र योजना के तहत मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान दिया जाएगा। योजना में निःशुल्क प्रशिक्षण, शहद खरीद की सुविधा और जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल हैं। पात्र लाभार्थियों और संस्थाओं से योजना का लाभ लेने की अपील की गई है।

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Asfi Shadab
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मधुमक्खी पालन से किसानों की आय बढ़ाने की पहल

Nagpur beekeeping 50 percent subsidy scheme: नागपुर: खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल ने पूरे राज्य में मधु केंद्र योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मधुमक्खी पालन शुरू करने के इच्छुक लाभार्थियों को 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान दिया जाएगा।

जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, नागपुर ने पात्र नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

योजना के लाभ: मधुमक्खी पालन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवश्यक सामग्री की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, शेष 50 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं निवेश करना होगा। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर शहद की खरीद भी होगी। साथ ही विशेष प्रशिक्षण और मधुमक्खी संरक्षण-संवर्धन के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

कौन ले सकता है लाभ: व्यावसायिक मधुमक्खी पालक, केंद्र संचालक प्रगतिशील मधुमक्खी पालक और केंद्र संचालक संस्थाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। व्यक्तिगत लाभार्थी का साक्षर होना, आयु 18 वर्ष से अधिक होना और स्वयं की कृषि भूमि होना जरूरी है।

योजना के तहत प्रशिक्षण और अनुदान की सुविधा उपलब्ध

केंद्र संचालक प्रगतिशील मधुमक्खी पालक के लिए न्यूनतम दसवीं उत्तीर्ण, आयु 21 वर्ष से अधिक तथा स्वयं या परिवार के नाम कम से कम एक एकड़ कृषि भूमि (या लीज पर भूमि) आवश्यक है। उन्हें मधुमक्खी पालन, प्रजनन और शहद उत्पादन का प्रशिक्षण देने में सक्षम होना भी जरूरी है।

केंद्र संचालक संस्था का विधिवत पंजीकृत होना, कम से कम 1,000 वर्गफुट का उपयुक्त भवन (स्वयं का या लीज पर) और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध होना अनिवार्य है।

चयन के बाद लाभार्थियों को प्रशिक्षण शुरू होने से पहले व्यवसाय शुरू करने संबंधी बंधपत्र देना होगा और मंडल द्वारा तय स्थान पर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।

अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, उद्योग भवन, छठी मंजिल, सिविल लाइंस, नागपुर से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मधुक्षेत्र अधिकारी राहुल वैद्य (मोबाइल: 7248983109, दूरभाष: 0712-2534942) या संचालक, मध संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल, महाबलेश्वर, जिला सातारा से भी संपर्क किया जा सकता है।

इच्छुक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द नजदीकी कार्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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