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नागपुर में जल संकट रोकने के लिए जिलाधिकारी ने दिए जरूरी निर्देश

नागपुर में जल संकट रोकने के लिए जिलाधिकारी ने दिए जरूरी निर्देश
Nagpur groundwater recharge scheme: नागपुर में जल संकट रोकने के लिए जिलाधिकारी ने दिए जरूरी निर्देश (Photo: RB / Jassi)

Nagpur groundwater recharge scheme: नागपुर जिले में बढ़ते जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने भूजल पुनर्भरण और जल संरक्षण के काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अटल भूजल योजना के कार्यों की समीक्षा, नालों और तालाबों की सफाई, रिचार्ज शाफ्ट और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है ताकि मानसून से पहले तैयारी पूरी हो सके।

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Asfi Shadab
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जल संरक्षण के कामों को तेजी से पूरा करने पर जोर

Nagpur groundwater recharge scheme: नागपुर, 13 मई। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने मंगलवार को निर्देश दिए कि काटोल, नरखेड़, हिंगणा, कलमेश्वर, उमरेड, भिवापुर सहित अन्य क्षेत्रों में जहां भी पेयजल संकट दर्ज हो, वहां तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जाए। यह निर्देश उन्होंने नरखेड़ के जल संकट पर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए।

बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलकिशोर फुटाणे, मृदा एवं जलसंधारण विभाग के कार्यकारी अभियंता साखरकर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. दत्ता येळे तथा भूजल सर्वेक्षण विभाग की अधिकारी डॉ. वर्षा माने उपस्थित रहीं।

मुख्य निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि अटल भूजल योजना के अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों में कार्य हो चुके हैं, उनका स्थलीय दौरा कर समीक्षा की जाए और जहां आवश्यक हो, मरम्मत कराई जाए।

ड्रिप सिंचाई और भूजल पुनर्भरण पर प्रशासन का फोकस

काटोल और नरखेड़ में संतरे की व्यापक खेती के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीक अपनाई है, अन्य किसानों को भी उनसे सीख लेनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि नरखेड़ तालुका की तर्ज पर अन्य तालुकों के लिए भी भूजल पुनर्भरण योजना तैयार की जाए। रिचार्ज शाफ्ट, मृदा एवं जलसंधारण, वन विभाग, कृषि विभाग तथा पोकरा जैसी योजनाओं को आपसी समन्वय से लागू किया जाए।

मानसून से पूर्व जल पुनर्भरण, नालों-नदियों की गहराई बढ़ाने और तालाबों को गादमुक्त करने के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएं। जहां धनराशि की आवश्यकता हो, वहां तुरंत प्रस्ताव प्रेषित किए जाएं।

अब विभागों को तय समयसीमा में कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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