नागपुर, उच्च न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग पर अधिवक्ता योगेश नागपुरे पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया

Nagpur High Court advocate fine process abuse: उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता योगेश नागपुरे पर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के मामले में 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक और बीजीआर एनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि अधिवक्ता ने पुलिस और सिविल अदालत के सामने साफ नीयत से अपनी बात नहीं रखी।
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उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता योगेश नागपुरे पर लगाया 2 लाख रुपये का जुर्माना
Nagpur High Court advocate fine process abuse: नागपुर के उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता योगेश नागपुरे पर ₹2 लाख का जुर्माना ठोका है। न्यायालय ने पाया कि नागपुरे ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया और पुलिस व सिविल कोर्ट के समक्ष साफ नीयत से पेश नहीं हुए।
यह जुर्माना दो आपराधिक रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान लगाया गया, जिनमें अधिवक्ता योगेश नागपुरे प्रतिवादी पक्ष में थे। ये याचिकाएं बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक और BGR एनर्जी द्वारा दाखिल की गई थीं।
दोनों याचिकाओं का मूल उद्देश्य यह था कि अधिवक्ता योगेश नागपुरे द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक और BGR एनर्जी के विरुद्ध दर्ज कराई गई एफआईआर को उच्च न्यायालय रद्द (क्वैश) करे।
कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग पर अदालत ने लिया सख्त फैसला
उल्लेखनीय है कि इन दोनों याचिकाओं में अधिवक्ता योगेश नागपुरे की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरंग भंडारकर ने की थी।
अब देखना यह होगा कि अधिवक्ता नागपुरे जुर्माने के विरुद्ध कोई उच्चतर न्यायालय का रुख करते हैं या इसका अनुपालन करते हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

