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नागपुर: विधायक विकास ठाकरे का विधानसभा में आरोप – मानकापुर झुग्गी बस्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर हटाई गईं

नागपुर: विधायक विकास ठाकरे का विधानसभा में आरोप – मानकापुर झुग्गी बस्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर हटाई गईं
Nagpur slum demolition Supreme Court order violation: नागपुर विधायक विकास ठाकरे ने विधानसभा में आरोप लगाया - मानकापुर की झुग्गियां सुप्रीम कोर्ट आदेश तोड़कर हटाई गईं, सैकड़ों परिवार बेघर। (File photo)

Nagpur slum demolition Supreme Court order violation: नागपुर में झुग्गी हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। विधायक विकास ठाकरे ने आरोप लगाया कि बिना नियमों का पालन किए लोगों को बेघर किया गया। सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं और खुले में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से पुनर्वास और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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Asfi Shadab
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नागपुर में झुग्गी हटाने पर विवाद बढ़ा

Nagpur slum demolition Supreme Court order violation: नागपुर। पश्चिम नागपुर के विधायक एवं नागपुर शहर (जिला) कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने विधानसभा में जिला प्रशासन और नागपुर महानगरपालिका (NMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मानकापुर क्षेत्र की संत ज्ञानेश्वर नगर और राजनगर झुग्गी बस्तियों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए हटाया गया।

इस कार्रवाई के चलते सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।

कानूनी आधार पर उठाए सवाल

ठाकरे ने महाराष्ट्र झोपड़पट्टी अधिनियम, 1971 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस कानून के तहत किसी भी विस्थापन से पहले पुनर्वास अनिवार्य है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले “ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे महानगरपालिका” का उल्लेख करते हुए कहा कि आजीविका का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है – और इसलिए नागरिकों को मनमाने तरीके से बेघर नहीं किया जा सकता।

विधायक ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप और पुनर्वास की मांग की

तीन सूत्रीय मांग

विधायक ठाकरे ने सदन में तीन प्रमुख मांगें रखीं:

1. सभी प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वेक्षण किया जाए। 2. पात्र परिवारों को बिना देरी पुनर्वास प्रदान किया जाए। 3. इस मनमानी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने झुडपी जंगल की जमीन, निजी भूमि और लंबित पट्टा मामलों पर सरकार की नीति स्पष्ट करने तथा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक विशेष समिति गठित करने की भी मांग की।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और नागपुर महानगरपालिका इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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