जरूर पढ़ें

Nagpur News: वाठोड़ा पुलिस ने दो घंटे में खोज निकाला 10 वर्षीय लापता बालक, मां की आंखों में छलके खुशी के आंसू

Nagpur News
Nagpur News: वाठोड़ा पुलिस ने दो घंटे में खोज निकाला 10 वर्षीय लापता बालक, मां की आंखों में छलके खुशी के आंसू

नागपुर की वाठोड़ा पुलिस ने मात्र दो घंटे में 10 वर्षीय लापता बालक को सुरक्षित खोज निकाला। पुलिस ने पाँच टीमों का गठन कर सोशल मीडिया और नागरिकों की मदद से खोज अभियान चलाया। बच्चे के मिलते ही मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

Updated:

Nagpur News: वाठोड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिली मुस्कान

नागपुर के वाठोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक घटना ने न केवल एक मां की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए बल्कि पुलिस की तत्परता का उदाहरण भी पेश किया। दरअसल, 10 वर्षीय बालक के गुम हो जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने ऐसा खोज अभियान चलाया कि मात्र दो घंटे में बच्चा सुरक्षित मिल गया।

शिकायत मिलते ही शुरू हुई तेजी से कार्रवाई

दिनांक 12 नवंबर 2025 को रात 9 बजे के करीब वाठोड़ा पुलिस थाने के दिनपाल अधिकारी उपनिरीक्षक माधव गुंडेकर को ज्योत्सना गजभिये नामक महिला ने सूचना दी कि उनका 10 वर्षीय पुत्र दोपहर से घर नहीं लौटा। इस सूचना के बाद पुलिस ने एक पल की भी देरी न करते हुए कार्रवाई आरंभ कर दी।

उपनिरीक्षक गुंडेकर स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने पाँच अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया ताकि खोज अभियान को तेजी और प्रभावशीलता के साथ अंजाम दिया जा सके।

व्हाट्सऐप ग्रुप और नागरिकों की मदद से बढ़ी तलाश

पुलिस ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बच्चे का फोटो और विवरण स्थानीय व्हाट्सऐप समूहों पर साझा किया। साथ ही आसपास के नागरिकों को भी खोज अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। निकटवर्ती थानों के बीट मार्शल और पेट्रोलिंग वाहनों को भी बच्चे की जानकारी दी गई।

नियंत्रण कक्ष को अलर्ट जारी किया गया ताकि किसी भी सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इस सहयोगात्मक प्रयास से तलाश का दायरा कुछ ही समय में बढ़ गया।

पुलिस उपायुक्त के निर्देश से बढ़ा मनोबल

जैसे ही माननीय पुलिस उपायुक्त, परिमंडल क्रमांक 5, श्री निकेतन कदम को इस घटना की जानकारी दी गई, उन्होंने तत्काल निर्देश जारी किए कि बच्चे के परिजनों के साथ मिलकर खोज अभियान को और तेज किया जाए।

पुलिस टीमों ने इलाके में लगातार खोज अभियान जारी रखा और एक घंटे के भीतर ही सफलता हाथ लग गई। बच्चे को श्रीकृष्ण नगर, नंदनवन थाना क्षेत्र के पास स्थित हनुमान मंदिर के समीप सुरक्षित पाया गया।

मां की आंखों में छलके खुशी के आंसू

Nagpur News: जब पुलिस टीम बच्चे को लेकर वाठोड़ा थाने पहुंची, वहां उपस्थित मां ज्योत्सना गजभिये अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। बच्चे को गले लगाते हुए उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।

पुलिस उपनिरीक्षक माधव गुंडेकर, स्वप्निल राऊत, अतुल पवार, हवलदार अश्विन बडगे, सुनील वानखेडे और सिपाही चरण राठोड़ की टीम ने इस अभियान में विशेष योगदान दिया।

समाज में बढ़ा पुलिस पर विश्वास

इस घटना ने न केवल एक परिवार को राहत दी, बल्कि समाज में पुलिस की छवि को भी और मजबूत किया। आम नागरिकों में यह संदेश गया कि पुलिस न केवल अपराध रोकने के लिए बल्कि मानवता की सेवा के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।

वाठोड़ा पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तब किसी भी संकट का समाधान शीघ्रता से किया जा सकता है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।