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नागपुर सीताबर्डी मामले में आरोपी बनाए जाने पर संपादक विजयकुमार खवसे ने उठाए सवाल

नागपुर सीताबर्डी मामले में आरोपी बनाए जाने पर संपादक विजयकुमार खवसे ने उठाए सवाल
Nagpur Sitabuldi Police Case Editor Vijaykumar Khawse: नागपुर सीताबर्डी मामले में आरोपी बनाए जाने पर संपादक विजयकुमार खवसे ने उठाए सवाल (Photo: RB / Jassi)

नागपुर सीताबर्डी पुलिस मामले में संपादक विजयकुमार खवसे: नागपुर के सीताबर्डी थाने में दर्ज मामले में आरोपी बनाए गए वेब चैनल के संपादक विजयकुमार खवसे ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि 15 मई 2025 को कथित घटना के समय वह नागपुर में नहीं थे। उन्होंने रेलवे यात्रा के वीडियो, टिकट और स्क्रीनशॉट पुलिस को देने की बात कही है और साक्ष्यों की जांच की मांग की है।

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Asfi Shadab
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सीताबर्डी मामले में संपादक ने मांगी निष्पक्ष जांच

नागपुर सीताबर्डी पुलिस मामले में संपादक विजयकुमार खवसे: नागपुर के सीताबर्डी पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी के रूप में नाम सामने आने के बाद वेब चैनल के संपादक विजयकुमार खवसे ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

खवसे ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील को निवेदन देकर दावा किया है कि कथित घटना के समय वह नागपुर में मौजूद ही नहीं थे। इसके बावजूद उनका नाम मामले में आरोपी क्रमांक तीन के रूप में दर्ज किया गया है।

घटना के समय शहर से बाहर होने का दावा

खवसे के अनुसार, मामले में दर्ज कथित घटना 15 मई 2025 को दोपहर 3 से शाम 4 बजे के बीच हुई थी। उनका दावा है कि उस समय वह पत्रकारिता संबंधी कार्य के लिए राज्य से बाहर यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि 14 मई को उन्होंने बोधगया से प्रयागराज के लिए ट्रेन से यात्रा की थी। इसके बाद कटनी में उतरकर आगे का सफर किया और 15 मई की शाम करीब 6 से 7 बजे नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।

पुलिस को डिजिटल साक्ष्य सौंपने का दावा

खवसे ने पुलिस को दिए निवेदन में कहा है कि घटना के समय उनके नागपुर में मौजूद नहीं होने के संबंध में उन्होंने रेलवे यात्रा के वीडियो, टिकट, स्क्रीनशॉट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों की जांच से उनकी वास्तविक लोकेशन और यात्रा की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

भ्रामक जानकारी के आधार पर नाम जोड़ने का आरोप

खवसे ने आरोप लगाया है कि भ्रामक जानकारी के आधार पर उनका नाम मामले में जोड़ा गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने तथा उपलब्ध डिजिटल एवं यात्रा संबंधी साक्ष्यों का सत्यापन करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनके दावे सही पाए जाते हैं, तो एफआईआर से उनका नाम हटाने के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने भविष्य में किसी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त जांच के मामले में आरोपी न बनाए जाने तथा गलत जानकारी देने वालों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। खवसे ने अपना निवेदन गृह मंत्री को भी भेजा है।

अब पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद ही उनके दावों और मामले में उनकी भूमिका की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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