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Nagpur News: भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए नागपुर विश्वविद्यालय और श्रीदेवनाथ संस्थान का समझौता तीन साल के लिए बढ़ा

Nagpur News: भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए नागपुर विश्वविद्यालय और श्रीदेवनाथ संस्थान का समझौता तीन साल के लिए बढ़ा
Nagpur University Indian Knowledge System MoU renewal: भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए नागपुर विश्वविद्यालय और श्रीदेवनाथ संस्थान का समझौता तीन साल के लिए बढ़ा (Image: AI)

Nagpur University Indian Knowledge System MoU renewal: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और श्रीदेवनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंस एंड रिसर्च के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े सहयोग समझौते का तीन वर्षों के लिए नवीनीकरण किया गया है। समझौते के तहत अब विद्यार्थी विकास कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। इससे छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अध्ययन, शोध, प्रशिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों में नए अवसर प्राप्त होंगे।

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Asfi Shadab
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भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन को मिलेगा नया सहयोग

Nagpur University Indian Knowledge System MoU renewal: नागपुर, 22 जुलाई 2026: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और जगद्गुरु श्रीदेवनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंस एंड रिसर्च जेएसडीआईवीएसआर (JSDIVSR) के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) से जुड़े सहयोग समझौते (एमओयू) का तीन वर्षों के लिए नवीनीकरण किया गया। यह कार्यक्रम बुधवार को विश्वविद्यालय के जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन के सभागार में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर, कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, नवाचार, अनुसंधान एवं सहयोग मंडल के संचालक डॉ. प्रकाश ईटनकर और महाविद्यालय विकास विभाग के उपकुलसचिव डॉ. राजेंद्र ऊतखेड़े सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मिशन फॉर डेवलपमेंट एंड डिविनिटी ट्रस्ट व जेएसडीआईवीएसआर की ओर से कोषाध्यक्ष निरंजन देशकर, सलाहकार समिति सदस्य डॉ. प्रफुल्ल साबळे, डॉ. भालचंद्र हरदास, मृणालिनी वाघमारे एवं वैष्णवी देशपांडे मौजूद रहीं। संस्थान के बोर्ड सदस्य अनुराग देशपांडे ने नवीनीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर

नवीनीकृत समझौते में अब प्राध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थी विकास कार्यक्रम भी जोड़े गए हैं। इससे छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित अध्ययन, शोध, कार्यशालाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा। जेएसडीआईवीएसआर द्वारा तैयार पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय के आजीवन अध्ययन एवं विस्तार विभाग के अंतर्गत शामिल किया गया है, जिससे विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए संरचित पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।

जेएसडीआईवीएसआर संस्था आचार्य स्वामी श्रीजितेंद्रनाथ महाराज के मार्गदर्शन में कार्य करती है और मिशन फॉर डेवलपमेंट एंड डिविनिटी ट्रस्ट, नागपुर द्वारा संचालित है। संस्था भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, अनुसंधान, शिक्षा और क्षमता विकास के क्षेत्र में सक्रिय है।

यह तीन वर्षीय साझेदारी उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त बनाने तथा शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आगे आने वाले सत्रों में इन पाठ्यक्रमों के तहत कार्यशालाओं की शुरुआत होने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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