सतीश धोंड को भाजपा ने महाराष्ट्र में सौंपी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

महाराष्ट्र भाजपा में सतीश धोंड की सह-संगठन मंत्री के रूप में नियुक्ति: भाजपा ने सतीश धोंड को महाराष्ट्र का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। उनका कार्यकेंद्र नागपुर रहेगा। धोंड को महाराष्ट्र के साथ गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में जनजाति संपर्क की जिम्मेदारी भी दी गई है। वे संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और प्रदेश की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े काम में भूमिका निभाएंगे।
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महाराष्ट्र भाजपा में सतीश धोंड की नई जिम्मेदारी
महाराष्ट्र भाजपा में सतीश धोंड की सह-संगठन मंत्री के रूप में नियुक्ति: नागपुर। भारतीय जनता पार्टी ने सतीश धोंड को महाराष्ट्र में संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश का सह-संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है।
धोंड को संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव है। विभिन्न राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूत करने तथा चुनावी तैयारियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उन्हें पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में काम करने का अनुभव है। इसके अलावा भाजपा के जनजाति मोर्चा सहित पार्टी के विभिन्न मोर्चों और संगठनों में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर जिम्मेदारियां संभाली हैं।
संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय तथा पार्टी की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के क्षेत्र में उनके अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महाराष्ट्र में भाजपा संगठन को और मजबूत करने तथा संगठन विस्तार की दिशा में उनके अनुभव का उपयोग किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा।
नागपुर से संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय पर रहेगा ध्यान
सतीश धोंड का कार्यकेंद्र नागपुर रहेगा। यहां से वे विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र में संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी और समन्वय करेंगे। विदर्भ में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज पर उनका विशेष ध्यान रहने की संभावना है। राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी संगठन को मजबूत करने के लिए वे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करेंगे।
भाजपा की ओर से दी गई यह जिम्मेदारी महाराष्ट्र में संगठन विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले समय में देखना होगा कि उनके अनुभव का लाभ प्रदेश संगठन को किस हद तक मिलता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

