नागपुर और अमरावती में नायलॉन मांजे पर स्थायी रोक के लिए बनेगी नई नियमावली

नायलॉन मांजे पर नागपुर अमरावती में प्रतिबंध: नागपुर और अमरावती संभाग में नायलॉन मांजे पर स्थायी रोक के लिए व्यापक नियमावली तैयार की जाएगी। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के निर्देश के बाद प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू की है। नायलॉन मांजे का इस्तेमाल करने पर 25 हजार रुपये और भंडारण करने वाले विक्रेता पर 2 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना तय है।
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नायलॉन मांजे पर रोक के लिए नई नियमावली
नायलॉन मांजे पर नागपुर अमरावती में प्रतिबंध: नागपुर और अमरावती संभाग में नायलॉन मांजे की बिक्री, भंडारण, परिवहन और उपयोग पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए व्यापक नियमावली तैयार की जाएगी। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
न्यायालय ने नायलॉन मांजे के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक के लिए अलग नियमावली बनाने को कहा है। इन निर्देशों के बाद जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस आयुक्त कार्यालय और महानगरपालिका स्तर पर नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
न्यायालय ने इससे पहले 12 जनवरी 2026 को दंड के संबंध में आदेश जारी किए थे। इनके अनुसार, नायलॉन मांजे से पतंग उड़ाते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पतंग उड़ाने वाला नाबालिग हुआ, तो जुर्माना उसके माता-पिता से वसूला जाएगा। नायलॉन मांजे का भंडारण करने वाले विक्रेता पर 2 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का प्रत्येक उल्लंघन अलग माना जाएगा और हर उल्लंघन के लिए निर्धारित जुर्माना स्वतंत्र रूप से वसूला जाएगा।
इस्तेमाल और भंडारण पर जुर्माने का प्रावधान
नायलॉन मांजे के कारण नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों, पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्पादन, बिक्री, भंडारण, परिवहन और उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थायी व्यवस्था की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी अनुप खांडे ने नागरिकों और विक्रेताओं से न्यायालय के आदेशों का पालन करने तथा नायलॉन मांजे का उपयोग या भंडारण नहीं करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक उल्लंघन पर अलग से कार्रवाई और जुर्माना वसूला जाएगा।
अब जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस आयुक्त कार्यालय और महानगरपालिका स्तर पर तैयार हो रही नियमावली पर सबकी नजर रहेगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

