पालघर के विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी परियोजनाओं का निरीक्षण किया

Palghar Development Devendra Fadnavis Project Review: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वधवन पोर्ट, बुलेट ट्रेन, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नारंगी क्रीक ब्रिज और उत्तन-विरार समुद्री पुल की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से परिवहन, उद्योग, निर्यात और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा जिले और राज्य के विकास को गति मिलेगी।
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पालघर में विकास परियोजनाओं की हुई समीक्षा
Palghar Development Devendra Fadnavis Project Review: पालघर, 28 जून 2026। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पालघर जिले में पांच प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का सीधे मौके पर जाकर निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
वधवन पोर्ट: 60 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले चिंचणी समुद्र तट पर प्रस्तावित वधवन पोर्ट परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग 76,220 करोड़ रुपये की लागत से 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड पोर्ट अगले 60 महीनों में पूरा किया जाना है। यह देश के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में शामिल होगा और बड़े जहाजों को संभालने में सक्षम होगा। निरीक्षण के दौरान सड़क नेटवर्क, वन मंजूरी, बिजली आपूर्ति, रेल संपर्क, भूमि अधिग्रहण, जलापूर्ति, कौशल विकास और मछुआरों के पुनर्वास एवं मुआवजे की विस्तृत समीक्षा की गई।


बुलेट ट्रेन और हवाई अड्डे की भी जांची प्रगति
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन बोइसर स्टेशन का निरीक्षण किया और परियोजना की गुणवत्ता व समयबद्ध पूर्णता पर अधिकारियों से चर्चा की। प्रस्तावित वधवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के स्थल का भी दौरा किया गया। यह हवाई अड्डा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन, उत्तन-विरार सी-लिंक, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट विकसित होगा। इससे मुंबई हवाई अड्डे पर यात्री दबाव कम होगा और माल परिवहन को गति मिलेगी।
नारंगी क्रीक ब्रिज से 40 किमी की बचत
एमएमआरडीए द्वारा निर्मित नारंगी क्रीक ब्रिज की भी समीक्षा हुई। लगभग 850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 4.10 किलोमीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा पुल वसई-विरार को सफाले, पालघर और बोइसर से सीधे जोड़ेगा। इससे करीब 40 किलोमीटर की दूरी और 45 मिनट का यात्रा समय घटेगा।
उत्तन-विरार सी-लिंक: 58,754 करोड़ की परियोजना
मुख्यमंत्री ने उत्तन-विरार सी-लिंक परियोजना की भी विस्तृत समीक्षा की। लगभग 58,754.51 करोड़ रुपये की लागत वाली यह छह लेन की समुद्री पुल परियोजना दोनों ओर चार लेन संपर्क मार्ग और आपातकालीन लेन से सुसज्जित होगी। यह सीधे मुंबई-वडोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगी, जिससे दक्षिण मुंबई से वडोदरा तक का सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।
इस अवसर पर वन मंत्री एवं पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक, मत्स्य एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पालघर में चल रही ये सभी परियोजनाएं बंदरगाह, परिवहन, उद्योग, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खोलेंगी और महाराष्ट्र के आर्थिक विकास में गेम चेंजर साबित होंगी। इन परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में रहेगी।

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

