Nagpur News: पांढराबोडी झील बचाओ अभियान के पहले दिन 450 किलो कचरा निकला, लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

Pandhrabodi Lake cleanup drive Nagpur: नागपुर की पांढराबोडी झील को बचाने के लिए 29 जून 2026 से सफाई अभियान शुरू किया गया। पहले दिन करीब 70 से 80 स्वयंसेवकों ने मिलकर 450 किलो प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाया। अभियान में कई सामाजिक संगठन, स्थानीय नागरिक और नगर निगम शामिल हुए। जुलाई के हर रविवार यह अभियान जारी रहेगा।
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पांढराबोडी झील को बचाने के लिए शुरू हुआ जन अभियान
Pandhrabodi Lake cleanup drive Nagpur: नागपुर। 29 जून 2026 को “पांढराबोडी झील बचाओ” अभियान के तहत शहर की ऐतिहासिक पांढराबोडी झील में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और नागपुर महानगर पालिका के संयुक्त प्रयास से करीब 70 से 80 स्वयंसेवकों ने पहले ही दिन झील परिसर से लगभग 450 किलोग्राम प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा एकत्र किया।
झील का सिकुड़ता अस्तित्व
कभी राजा बख्त बुलंद शाह और राजा रघुजी भोसले द्वारा विकसित नागपुर अपनी सुनियोजित झीलों के लिए जाना जाता था। लेकिन अतिक्रमण, प्रदूषण और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते पांढराबोडी झील 27.10 एकड़ से सिकुड़कर महज 6.20 एकड़ रह गई है।

झील में सीवेज का पानी, कीचड़, खुले में फेंका जाने वाला कचरा, बढ़ती मच्छरों की संख्या, सूअरों का जमावड़ा और अधूरी सुरक्षा दीवार के कारण असामाजिक तत्वों की मौजूदगी स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। शहर की अन्य झीलों के सौंदर्यीकरण पर काम जारी है, जबकि पांढराबोडी की अनदेखी से नागरिकों में नाराजगी है।
पहले दिन 450 किलो कचरा हटाकर लोगों ने दिया स्वच्छता का संदेश
अभियान में नागपुर प्लॉगर्स, रेड स्वास्तिक, एग्रोवेट, अनॅकॉन लैब, ईशा फाउंडेशन, संवाद व संपर्क ग्रुप, विजयनी सखी मंच, हनुमान मंदिर के भक्त, साई डेकोरेशन, स्थानीय पार्षद श्रीमती परिणीति फुके और नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। समापन पर बाबा देशपांडे ने झील पर अपने शोध की जानकारी साझा की, जबकि टीकाराम भाल ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ सामूहिक प्रार्थना कराई।
जुलाई माह के प्रत्येक रविवार सुबह यह अभियान स्थानीय नागरिकों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से जारी रहेगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

