कोलकाता पुलिस ने पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को भेजा समन

कोलकाता पुलिस ने टीएमसी कार्यालय में होर्डिंग हटाने को लेकर हुई हाथापाई के मामले में पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को समन जारी किया। जानें क्या है पूरा विवाद ।
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तृणमूल कांग्रेस कार्यालय हाथापाई मामला
कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में पार्टी के चुनाव चिह्न वाले होर्डिंग को हटाने को लेकर हुई हाथापाई के मामले में रविवार को पार्टी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को आधिकारिक समन जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, शेक्सपियर सरणी थाने की एक विशेष टीम ने रविवार सुबह कस्बा इलाके में स्थित कबीर के आवास पर पहुंचकर उन्हें यह नोटिस सौंपा।
बुधवार को होना होगा पेश
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को आगामी बुधवार को दोपहर 1:30 बजे जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है। 27 अगस्त को हुई इस घटना के सिलसिले में पुलिस अब तक टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और उनके सहयोगी सुमित राय से भी पूछताछ कर चुकी है। इस पूरे मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या है पूरा विवाद
कैमैक स्ट्रीट पर स्थित एक इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर सड़क की तरफ लगे टीएमसी के चुनाव चिह्न वाले होर्डिंग को हटाने के लिए पुलिस और केएमसी के कर्मचारी पहुंचे थे। इसी दौरान होर्डिंग हटाने की कार्रवाई के दौरान झड़प और हाथापाई हो गई थी। पुलिस के अनुसार इस मामले में सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक कामकाज में बाधा डालने, गैर-कानूनी रूप से भीड़ एकत्र करने, महिला कर्मियों के साथ मारपीट करने और उनका उत्पीड़न करने जैसी गंभीर धाराएं दर्ज की गई हैं। इस एफआईआर में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पार्टी का पक्ष और आरोप
घटना के बाद राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस एक ‘गैर-कानूनी’ नोटिस लेकर दफ्तर में जबरन घुसी, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की तथा पार्टी समर्थकों एवं कार्यालय के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। बहरहाल, पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

