कोलकाता के फुटपाथ पर बढ़ा विवाद, सरकार ने कहा पैदल चलने की जगह खाली कराना जरूरी

Kolkata Footpath Encroachment Removal: कोलकाता में फुटपाथ खाली कराने की कार्रवाई को लेकर सरकार ने अपना पक्ष रखा है। सरकार का कहना है कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं और वहां रहने या गलत पार्किंग की अनुमति नहीं होनी चाहिए। सड़क, नाली और यातायात व्यवस्था सुधारने का काम जारी है। सरकार ने अक्टूबर तक सड़कों को ठीक करने का भरोसा दिया है।
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फुटपाथ खाली कराने पर सरकार का पक्ष
Kolkata Footpath Encroachment Removal: कोलकाता में फुटपाथ से लोगों को हटाने और सड़क किनारे रहने वालों को दूसरी जगह जाने के लिए कहे जाने पर सरकार ने अपना पक्ष रखा है। सरकार की ओर से कहा गया कि किसी बच्चे के मुंह से दूध नहीं छीना गया, बल्कि उसे वहां से हटने के लिए कहा गया, क्योंकि व्यस्त सड़क पर बच्चे का रेंगना कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
इस मुद्दे पर कहा गया, “किसी बच्चे के मुंह से दूध नहीं छीना गया। उसे वहां से हटने के लिए कहा गया। इस तरह एक व्यस्त सड़क पर एक बच्चा रेंग रहा है। यह दृश्य केवल वहीं नहीं, बल्कि कोलकाता की कई जगहों पर दिखाई देता है। कभी भी हादसा हो सकता है। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
सरकार ने फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को लेकर भी सवाल उठाए। कहा गया कि वर्षों से लोगों को फुटपाथ पर रहने की स्थिति बनी हुई है और रोजगार की व्यवस्था नहीं की गई। साथ ही पिछले 15 वर्षों में वसूली, रिश्वत और भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए गए।
फुटपाथ को लेकर सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का भी हवाला दिया। कहा गया कि फुटपाथ गरीब और अमीर में फर्क नहीं करता। वहां चलने वाला हर व्यक्ति इंसान है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि फुटपाथ को पैदल चलने योग्य बनाया जाना चाहिए। फुटपाथ लोगों के चलने के लिए है, रहने के लिए नहीं।
सड़क सुरक्षा और पैदल चलने वालों की चिंता
सरकार ने कहा कि फुटपाथ से फेरीवालों को हटाने, अवैध पार्किंग हटाने और फुटपाथ को ही अपना घर बना चुके लोगों को हटाने पर विरोध हो सकता है। लेकिन सरकार केवल किसी की सुविधा या असुविधा देखकर काम नहीं करेगी।
आज निवेश और नए उद्योग लाने की कोशिशों के बीच शहर की सड़कों की स्थिति को भी अहम बताया गया। सरकार के अनुसार, अगर नए उद्योगपति कोलकाता आकर सड़कों पर जाम, खराब रास्ते और शहर का खराब माहौल देखते हैं, तो क्या वे यहां आएंगे?
सड़क से लेकर नालियों तक सुधार का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर तक सभी सड़कों को ठीक करने की बात कही है। सरकार ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल की जो स्थिति बनी है, उसे अचानक ठीक नहीं किया जा सकता। ऐसा नहीं है कि किसी जादू से सब कुछ एक साथ ठीक हो जाएगा।
सरकार ने कहा कि किए गए सभी वादों को पूरा करना उसकी जिम्मेदारी है और उन्हें पूरा किया जाएगा। साथ ही उम्मीद जताई गई कि आम लोग सरकार के साथ खड़े रहेंगे।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

