
बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनाव के बाद नई राजनीतिक स्थिति बनती दिखाई दे रही है। चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने साफ कहा है कि देश की विदेश नीति अब केवल जनता के हित को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। उनके इस बयान को खास तौर पर भारत के साथ रिश्तों के संदर्भ में देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के संबंधों में तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। बीएनपी की चुनावी जीत को बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा

बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनाव के बाद नई राजनीतिक स्थिति बनती दिखाई दे रही है। चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने साफ कहा है कि देश की विदेश नीति अब केवल जनता के हित को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। उनके इस बयान को खास तौर पर भारत के साथ रिश्तों के संदर्भ में देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के संबंधों में तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। बीएनपी की चुनावी जीत को बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा

बांग्लादेश में एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का माहौल बनता जा रहा है। छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब उनके भाई शरीफ ओमर बिन हादी ने मैदान में उतरकर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। ओमर का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कैंटोनमेंट और यूनुस के आवास जमुना का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बांग्लादेश में बढ़ता राजनीतिक संकट बांग्लादेश इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। शेख हसीना सरकार के

बांग्लादेश में एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का माहौल बनता जा रहा है। छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब उनके भाई शरीफ ओमर बिन हादी ने मैदान में उतरकर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। ओमर का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कैंटोनमेंट और यूनुस के आवास जमुना का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बांग्लादेश में बढ़ता राजनीतिक संकट बांग्लादेश इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। शेख हसीना सरकार के

बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हाल के दिनों में भीड़ द्वारा की गई हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इनमें मैमनसिंह में एक गारमेंट कामगार की पीट-पीटकर हत्या और लक्ष्मीपुर में आगजनी हमले में एक सात साल की बच्ची की मौत जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं ने न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी चिंता पैदा की है। बांग्लादेश पुलिस का बयान बांग्लादेश पुलिस ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके पास ऐसी कोई खास जानकारी

बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हाल के दिनों में भीड़ द्वारा की गई हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इनमें मैमनसिंह में एक गारमेंट कामगार की पीट-पीटकर हत्या और लक्ष्मीपुर में आगजनी हमले में एक सात साल की बच्ची की मौत जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं ने न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी चिंता पैदा की है। बांग्लादेश पुलिस का बयान बांग्लादेश पुलिस ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके पास ऐसी कोई खास जानकारी

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

बांग्लादेश की राजनीति एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। अंतर्राष्ट्रीय क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के अपराधों (crimes against humanity) के आरोपों में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल देश में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकता है, बल्कि आगामी चुनावों और सामाजिक व्यवस्था पर लंबे समय तक असर डालने वाला है। देशव्यापी सुरक्षा अलर्ट और भय का माहौल हाल में जारी रिपोर्टों के अनुसार, हसीना के फैसले की घोषणा से पहले ही धरती पर उथल-पुथल महसूस की जा रही थी। राजधानी ढाका में सुरक्षा बलों को सख्त हिदायत दी गई है

बांग्लादेश की राजनीति एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। अंतर्राष्ट्रीय क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के अपराधों (crimes against humanity) के आरोपों में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल देश में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकता है, बल्कि आगामी चुनावों और सामाजिक व्यवस्था पर लंबे समय तक असर डालने वाला है। देशव्यापी सुरक्षा अलर्ट और भय का माहौल हाल में जारी रिपोर्टों के अनुसार, हसीना के फैसले की घोषणा से पहले ही धरती पर उथल-पुथल महसूस की जा रही थी। राजधानी ढाका में सुरक्षा बलों को सख्त हिदायत दी गई है

बांग्लादेश में अवामी लीग का देशव्यापी बंद: राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर अवैध फैसले के आरोपों के बीच तीखा राजनीतिक टकराव बांग्लादेश की राजनीति इन दिनों गहरे उथल–पुथल के दौर से गुजर रही है। देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग ने आगामी मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) द्वारा सुनाए गए उस फैसले को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोप में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया गया है। अवामी लीग ने इस निर्णय को न केवल अवैध बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध से

बांग्लादेश में अवामी लीग का देशव्यापी बंद: राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर अवैध फैसले के आरोपों के बीच तीखा राजनीतिक टकराव बांग्लादेश की राजनीति इन दिनों गहरे उथल–पुथल के दौर से गुजर रही है। देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग ने आगामी मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) द्वारा सुनाए गए उस फैसले को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोप में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया गया है। अवामी लीग ने इस निर्णय को न केवल अवैध बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध से

शेख हसीना की सजा और मानवाधिकार का दृष्टिकोण नई दिल्ली, १७ नवम्बर (आईएएनएस) – नई दिल्ली स्थित मानवाधिकार निकाय राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप (RRAG) ने सोमवार को पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके दो वरिष्ठ सहयोगियों की सजा को “न्याय की विफलता और राजनीतिक प्रपंच” करार दिया। इस निकाय का कहना है कि असली अपराधियों को अभी तक दण्डित नहीं किया गया है। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-ममून को मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप में दोषी पाया। जुलाई पिछले वर्ष के

शेख हसीना की सजा और मानवाधिकार का दृष्टिकोण नई दिल्ली, १७ नवम्बर (आईएएनएस) – नई दिल्ली स्थित मानवाधिकार निकाय राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप (RRAG) ने सोमवार को पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके दो वरिष्ठ सहयोगियों की सजा को “न्याय की विफलता और राजनीतिक प्रपंच” करार दिया। इस निकाय का कहना है कि असली अपराधियों को अभी तक दण्डित नहीं किया गया है। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-ममून को मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप में दोषी पाया। जुलाई पिछले वर्ष के

शेख हसीना के खिलाफ आरोपों का संक्षिप्त विवरण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ कुल पांच गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। इन आरोपों में हत्या की साजिश, प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार का आदेश और मानवाधिकार उल्लंघन शामिल हैं। 23 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधिकारियों ने फैसला सुरक्षित रखा। इस फैसले का दस्तावेज लगभग 400 पृष्ठों में विभाजित है और इसे छह भागों में बांटा गया है। अदालत के निर्णय में उल्लेख किया गया कि कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों पर हमले का आदेश दिया था, जिसके कारण कई लोग मारे

शेख हसीना के खिलाफ आरोपों का संक्षिप्त विवरण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ कुल पांच गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। इन आरोपों में हत्या की साजिश, प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार का आदेश और मानवाधिकार उल्लंघन शामिल हैं। 23 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधिकारियों ने फैसला सुरक्षित रखा। इस फैसले का दस्तावेज लगभग 400 पृष्ठों में विभाजित है और इसे छह भागों में बांटा गया है। अदालत के निर्णय में उल्लेख किया गया कि कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों पर हमले का आदेश दिया था, जिसके कारण कई लोग मारे

Sheikh Hasina Court Verdict: शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ीं, 17 नवंबर को अदालत सुनाएगी फैसला नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए आने वाला सप्ताह निर्णायक साबित हो सकता है। देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने ऐलान किया है कि वह 17 नवंबर को उनके खिलाफ चल रहे मामले में फैसला सुनाएगा। इस मामले ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और देश की सियासी स्थिति पहले से अधिक अस्थिर हो गई है। छात्र आंदोलन और हिंसा का मामला जुलाई 2024 में बांग्लादेश में एक बड़े छात्र आंदोलन ने जन्म लिया था। यह आंदोलन

Sheikh Hasina Court Verdict: शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ीं, 17 नवंबर को अदालत सुनाएगी फैसला नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए आने वाला सप्ताह निर्णायक साबित हो सकता है। देश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने ऐलान किया है कि वह 17 नवंबर को उनके खिलाफ चल रहे मामले में फैसला सुनाएगा। इस मामले ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है और देश की सियासी स्थिति पहले से अधिक अस्थिर हो गई है। छात्र आंदोलन और हिंसा का मामला जुलाई 2024 में बांग्लादेश में एक बड़े छात्र आंदोलन ने जन्म लिया था। यह आंदोलन

ढाका हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में भीषण आग ढाका, बांग्लादेश – बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज इलाके में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की तीव्रता अत्यधिक होने के कारण हवाई अड्डे पर हड़कंप मच गया। इस आपात स्थिति में फायर सर्विस के 16 यूनिट मौके पर पहुंची, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं। कार्गो क्षेत्र में आग लगने के कारण हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया है।

ढाका हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में भीषण आग ढाका, बांग्लादेश – बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज इलाके में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग की तीव्रता अत्यधिक होने के कारण हवाई अड्डे पर हड़कंप मच गया। इस आपात स्थिति में फायर सर्विस के 16 यूनिट मौके पर पहुंची, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं। कार्गो क्षेत्र में आग लगने के कारण हवाई अड्डे पर सभी उड़ानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया है।

बांग्लादेशी सेना और ISI: भारत के लिए बढ़ती चिंता डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद राजनीतिक और सुरक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। पहले उम्मीद की किरण मानी जाने वाली सेना अब जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव में फंस चुकी है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ नजदीकियां बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ISI ने आतंकी संगठनों को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए समर्थन और प्रशिक्षण दिया है। बदलते हालात और सेना का रुखशेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान से दूरी बनाए रखने वाली बांग्लादेशी सेना, अब आईएसआई

बांग्लादेशी सेना और ISI: भारत के लिए बढ़ती चिंता डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद राजनीतिक और सुरक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। पहले उम्मीद की किरण मानी जाने वाली सेना अब जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव में फंस चुकी है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ नजदीकियां बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ISI ने आतंकी संगठनों को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए समर्थन और प्रशिक्षण दिया है। बदलते हालात और सेना का रुखशेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान से दूरी बनाए रखने वाली बांग्लादेशी सेना, अब आईएसआई

Bangladesh Violence News: बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के गृहनगर गोपालगंज में बुधवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान हुई हिंसक झड़पों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गयी। समाचार पत्र प्रोथोम अलो की खबर के मुताबिक बंगबंधु के नाम से भी मशहूर रहमान का गृहनगर उस समय युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया जब उनकी बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के सैकड़ों समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। यह झड़प छात्र नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रस्तावित मार्च से पहले

Bangladesh Violence News: बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के गृहनगर गोपालगंज में बुधवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान हुई हिंसक झड़पों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गयी। समाचार पत्र प्रोथोम अलो की खबर के मुताबिक बंगबंधु के नाम से भी मशहूर रहमान का गृहनगर उस समय युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया जब उनकी बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के सैकड़ों समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। यह झड़प छात्र नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रस्तावित मार्च से पहले

International Politics: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए ‘पोस्ट’ की निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस जीत में ‘‘केवल एक सहयोगी था, इससे ज्यादा कुछ नहीं।’’ विजय दिवस 16 दिसंबर 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किए जाने की याद में मनाया जाता है। भारत की ऐतिहासिक जीत के कारण बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। मोदी ने 1971 की ऐतिहासिक जीत में भारतीय सैनिकों के योगदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया मंच पर

International Politics: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए ‘पोस्ट’ की निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस जीत में ‘‘केवल एक सहयोगी था, इससे ज्यादा कुछ नहीं।’’ विजय दिवस 16 दिसंबर 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किए जाने की याद में मनाया जाता है। भारत की ऐतिहासिक जीत के कारण बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। मोदी ने 1971 की ऐतिहासिक जीत में भारतीय सैनिकों के योगदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया मंच पर

Bangladesh News|विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चुनाव के माध्यम से सत्ता के लोकतांत्रिक हस्तांतरण की मांग को लेकर मंगलवार को ढाका में रैली निकाली। बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गठित अंतरिम सरकार ने अभी तक चुनाव के लिए समय सीमा जारी नहीं की है। बीएनपी नेता और कार्यकर्ता ढाका में पार्टी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और देश में नये सिरे से चुनाव कराने की मांग को लेकर नारे लगाए।

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