
महागठबंधन ने दिखाई एकजुटता, तेजस्वी-सहनी बने चेहरे पटना, राज्य ब्यूरो।लंबे राजनीतिक मंथन और अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार महागठबंधन ने बिहार चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है।यह घोषणा गुरुवार को पटना के एक नामी होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों के शीर्ष नेता एक मंच पर मौजूद थे। एक मंच पर दिखी एकता, सभी दलों ने जताया भरोसा राजद, कांग्रेस, वीआईपी, माले, सीपीआई और सीपीएम के नेताओं ने एक स्वर

महागठबंधन ने दिखाई एकजुटता, तेजस्वी-सहनी बने चेहरे पटना, राज्य ब्यूरो।लंबे राजनीतिक मंथन और अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार महागठबंधन ने बिहार चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है।यह घोषणा गुरुवार को पटना के एक नामी होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों के शीर्ष नेता एक मंच पर मौजूद थे। एक मंच पर दिखी एकता, सभी दलों ने जताया भरोसा राजद, कांग्रेस, वीआईपी, माले, सीपीआई और सीपीएम के नेताओं ने एक स्वर

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने