
Chirag Paswan Hajipur News: हाजीपुर (Hajipur) में सोमवार को एक तस्वीर ने NDA के 20 साल के विकास के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया। केंद्रीय मंत्री और हाजीपुर के सांसद Chirag Paswan अपने संसदीय क्षेत्र में शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन भारी जलजमाव के कारण उन्हें गली पार करने के लिए ईंटों पर संतुलन बनाते हुए पानी पार करना पड़ा। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बन गया। चिराग पासवान का “डिंग-डिंग” सफर जिन इलाकों में चुनावी प्रचार और विकास रिपोर्टें चमकती हैं, वहां वास्तविक स्थिति अलग नजर आती है।

Chirag Paswan Hajipur News: हाजीपुर (Hajipur) में सोमवार को एक तस्वीर ने NDA के 20 साल के विकास के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया। केंद्रीय मंत्री और हाजीपुर के सांसद Chirag Paswan अपने संसदीय क्षेत्र में शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन भारी जलजमाव के कारण उन्हें गली पार करने के लिए ईंटों पर संतुलन बनाते हुए पानी पार करना पड़ा। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बन गया। चिराग पासवान का “डिंग-डिंग” सफर जिन इलाकों में चुनावी प्रचार और विकास रिपोर्टें चमकती हैं, वहां वास्तविक स्थिति अलग नजर आती है।

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने