
Chandrapur Mayor Election: चंद्रपुर नगर निगम में महापौर के चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार संगीता खांडेकर ने शानदार जीत दर्ज की है। हालांकि यह जीत बेहद रोमांचक रही क्योंकि वह सिर्फ 1 वोट के अंतर से महापौर बनीं। चुनाव में संगीता खांडेकर को कुल 32 वोट मिले जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 31 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले। चुनाव में एमआईएम और वंचित का रुख रहा अहम चंद्रपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए हुए मतदान में एमआईएम के नगरसेवक ने तटस्थ रहने का फैसला किया। उन्होंने न तो भाजपा के पक्ष में

Chandrapur Mayor Election: चंद्रपुर नगर निगम में महापौर के चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार संगीता खांडेकर ने शानदार जीत दर्ज की है। हालांकि यह जीत बेहद रोमांचक रही क्योंकि वह सिर्फ 1 वोट के अंतर से महापौर बनीं। चुनाव में संगीता खांडेकर को कुल 32 वोट मिले जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 31 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले। चुनाव में एमआईएम और वंचित का रुख रहा अहम चंद्रपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए हुए मतदान में एमआईएम के नगरसेवक ने तटस्थ रहने का फैसला किया। उन्होंने न तो भाजपा के पक्ष में

चंद्रपुर में कांग्रेस का दबदबा बरकरार Chandrapur Mayor: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थानीय राजनीति में एक अहम मोड़ आया है। चंद्रपुर महानगरपालिका में कई महीनों से चल रहा राजनीतिक संकट अब समाप्त हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी बात यह रही कि कांग्रेस पार्टी ने महापौर पद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। यह फैसला महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस की मजबूती को दर्शाता है, खासकर उस समय जब राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद नई सरकार बनी है। चंद्रपुर शहर विदर्भ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की स्थानीय राजनीति हमेशा से ही काफी

चंद्रपुर में कांग्रेस का दबदबा बरकरार Chandrapur Mayor: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थानीय राजनीति में एक अहम मोड़ आया है। चंद्रपुर महानगरपालिका में कई महीनों से चल रहा राजनीतिक संकट अब समाप्त हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी बात यह रही कि कांग्रेस पार्टी ने महापौर पद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। यह फैसला महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस की मजबूती को दर्शाता है, खासकर उस समय जब राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद नई सरकार बनी है। चंद्रपुर शहर विदर्भ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की स्थानीय राजनीति हमेशा से ही काफी

चंद्रपुर की स्थानीय राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का नागपुर दौरा और गुट पंजीकरण की कार्रवाई ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को सतह पर ला दिया है। यह घटनाक्रम चंद्रपुर महानगरपालिका में महापौर पद को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान का नतीजा माना जा रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर अपने समर्थक नगरसेवकों के साथ नागपुर पहुंचीं। उनका यह दौरा चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस गुट के पंजीकरण के लिए था। दोपहर के समय वे नागपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की। यह कार्य शाम तक चलता

चंद्रपुर की स्थानीय राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का नागपुर दौरा और गुट पंजीकरण की कार्रवाई ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को सतह पर ला दिया है। यह घटनाक्रम चंद्रपुर महानगरपालिका में महापौर पद को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान का नतीजा माना जा रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर अपने समर्थक नगरसेवकों के साथ नागपुर पहुंचीं। उनका यह दौरा चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस गुट के पंजीकरण के लिए था। दोपहर के समय वे नागपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की। यह कार्य शाम तक चलता

चंद्रपुर जिले के वरोरा नगर परिषद के पूर्व नगराध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिला सचिव अहतेशाम अली ने कांग्रेस में भव्य प्रवेश किया है। इस मौके पर उनके समर्थक भी उपस्थित रहे, जिससे स्पष्ट हुआ कि उनका जनाधार अब भी मजबूत है। अहतेशाम अली की राजनीतिक यात्रा का आरंभ NSUI और युवक कांग्रेस से हुआ था। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2016 में वरोरा नगराध्यक्ष पद के लिए भाजपा से चुनाव जीतकर अपने नेतृत्व और लोकप्रियता का प्रमाण दिया। इस चुनाव में उन्होंने सबसे अधिक मत प्राप्त किए थे, जो उनकी जनप्रियता का संकेत

चंद्रपुर जिले के वरोरा नगर परिषद के पूर्व नगराध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिला सचिव अहतेशाम अली ने कांग्रेस में भव्य प्रवेश किया है। इस मौके पर उनके समर्थक भी उपस्थित रहे, जिससे स्पष्ट हुआ कि उनका जनाधार अब भी मजबूत है। अहतेशाम अली की राजनीतिक यात्रा का आरंभ NSUI और युवक कांग्रेस से हुआ था। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2016 में वरोरा नगराध्यक्ष पद के लिए भाजपा से चुनाव जीतकर अपने नेतृत्व और लोकप्रियता का प्रमाण दिया। इस चुनाव में उन्होंने सबसे अधिक मत प्राप्त किए थे, जो उनकी जनप्रियता का संकेत