10 नवंबर, 2025 को दिल्ली के लाल किले के समीप हुए आत्मघाती कार धमाके ने न सिर्फ राजधानी को हिला दिया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में गहरे सवाल खड़े कर दिए। अब इस हमले को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक मोड़ आ गया है। पाकिस्तान के पूर्व पीओके (पाकिस्तान-कब्ज़ा किए गए जम्मू-कश्मीर) प्रधानमंत्री चौधरी अनवरुल हक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस हमले में उनकी तरफ से “सीधी भूमिका” थी। उनकी यह बयानबाज़ी यह संकेत देती है कि यह केवल आतंकी घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध और कूटनीति का हिस्सा है। हमले का राजनीतिक और