
अक्टूबर में राशन लेने से पहले जान लें ये तारीखें पश्चिम बंगाल में अक्टूबर त्योहारों से भरा महीना है। लगातार छुट्टियों के कारण इस महीने राशन दुकानों से ग्राहकों को कुल 12 दिनों तक खाद्य सामग्री नहीं मिल सकेगी। ऑनलाइन राशन प्रबंधन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हर महीने की पहली और आखिरी तारीख को राशन वितरण बंद रहता है। इसके अलावा त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण भी राशन दुकानों पर सेवा प्रभावित होगी। ऐसे में पश्चिम बंगाल में अक्टूबर महीने में राशन वितरण 3 अक्टूबर से शुरू होगा। इसके बाद महालया, दुर्गा पूजा की महासप्तमी से

अक्टूबर में राशन लेने से पहले जान लें ये तारीखें पश्चिम बंगाल में अक्टूबर त्योहारों से भरा महीना है। लगातार छुट्टियों के कारण इस महीने राशन दुकानों से ग्राहकों को कुल 12 दिनों तक खाद्य सामग्री नहीं मिल सकेगी। ऑनलाइन राशन प्रबंधन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हर महीने की पहली और आखिरी तारीख को राशन वितरण बंद रहता है। इसके अलावा त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण भी राशन दुकानों पर सेवा प्रभावित होगी। ऐसे में पश्चिम बंगाल में अक्टूबर महीने में राशन वितरण 3 अक्टूबर से शुरू होगा। इसके बाद महालया, दुर्गा पूजा की महासप्तमी से

विसर्जन के बाद प्रतिमाओं को निकालने के लिए क्रेन जरूरी पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरी इलाकों में प्रतिमा विसर्जन को अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर एवं शहरी विकास विभाग ने राज्य की नगरपालिकाओं, डेवलपमेंट बोर्ड और जिलाधिकारियों को निर्देश भेजकर विसर्जन घाटों पर कन्वेयर बेल्ट लगाने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। इसके साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में इसकी जरूरत और संभावित खर्च का पूरा ब्योरा भी मांगा गया है। हर घाट की क्षमता के अनुसार तैयार होगी व्यवस्था विभाग की ओर से भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि

विसर्जन के बाद प्रतिमाओं को निकालने के लिए क्रेन जरूरी पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरी इलाकों में प्रतिमा विसर्जन को अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर एवं शहरी विकास विभाग ने राज्य की नगरपालिकाओं, डेवलपमेंट बोर्ड और जिलाधिकारियों को निर्देश भेजकर विसर्जन घाटों पर कन्वेयर बेल्ट लगाने की संभावनाएं तलाशने को कहा है। इसके साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में इसकी जरूरत और संभावित खर्च का पूरा ब्योरा भी मांगा गया है। हर घाट की क्षमता के अनुसार तैयार होगी व्यवस्था विभाग की ओर से भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि

कमल की बंपर पैदावार से किसानों और कारोबारियों को राहत पश्चिम बंगाल में इस साल कमल की बंपर पैदावार हुई है जिससे राज्य को ओडिशा से फूल आयात करने की नौबत नहीं आएगी। कोलकाता के प्रसिद्ध जगन्नाथ घाट फूल बाजार के व्यापारियों के अनुसार, कमल के फूल अमूमन प्राकृतिक जलाशयों, नहरों, पोखरों और गड्डों में उगते हैं। हालांकि इस बार राज्य के किसानों ने व्यवस्थित खेती की है जिससे इसका उत्पादन काफी बढ़ गया है। इसी वजह से इस बार अन्य राज्यों से फूल मंगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बंगाल के कमल की बाजार में ज्यादा मांग ऑल बंगाल फ्लावर

कमल की बंपर पैदावार से किसानों और कारोबारियों को राहत पश्चिम बंगाल में इस साल कमल की बंपर पैदावार हुई है जिससे राज्य को ओडिशा से फूल आयात करने की नौबत नहीं आएगी। कोलकाता के प्रसिद्ध जगन्नाथ घाट फूल बाजार के व्यापारियों के अनुसार, कमल के फूल अमूमन प्राकृतिक जलाशयों, नहरों, पोखरों और गड्डों में उगते हैं। हालांकि इस बार राज्य के किसानों ने व्यवस्थित खेती की है जिससे इसका उत्पादन काफी बढ़ गया है। इसी वजह से इस बार अन्य राज्यों से फूल मंगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बंगाल के कमल की बाजार में ज्यादा मांग ऑल बंगाल फ्लावर

सरकारी कर्मचारियों के लिए नवान्न ने जारी किया जरूरी निर्देश पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दुर्गापूजा के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सचिवालय ने एक अहम निर्देशिका जारी की है। इसके तहत अब कर्मचारियों को महीने के अंत तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि पूजा से पहले ही उनके खाते में अक्टूबर महीने का वेतन, पेंशन और बढ़ा हुआ डीए पहुंच जाएगा। राज्य के वित्त विभाग की ओर से बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। दुर्गापूजा से पहले अग्रिम

सरकारी कर्मचारियों के लिए नवान्न ने जारी किया जरूरी निर्देश पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दुर्गापूजा के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सचिवालय ने एक अहम निर्देशिका जारी की है। इसके तहत अब कर्मचारियों को महीने के अंत तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि पूजा से पहले ही उनके खाते में अक्टूबर महीने का वेतन, पेंशन और बढ़ा हुआ डीए पहुंच जाएगा। राज्य के वित्त विभाग की ओर से बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। दुर्गापूजा से पहले अग्रिम

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग गेट की मांग त्योहारों के इस सीजन में सरकार ने आम जनता को एक बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। अब दुर्गा पूजा के दौरान मां के दर्शन और पंडालों की रौनक देखने के साथ-साथ लोग सरकारी योजनाओं के फॉर्म भी आसानी से भर सकेंगे। राज्य के नगर विकास विभाग की इस अनूठी पहल से कतारों में लगने और दफ्तरों के चक्कर काटने की झंझट से बड़ी राहत मिलने वाली है जिसकी शुरुआत खुद नगर मंत्री अग्निमित्रा पाल अपने विधानसभा क्षेत्र से करने जा रही हैं। आसनसोल में पूजा कमेटियों के साथ

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग गेट की मांग त्योहारों के इस सीजन में सरकार ने आम जनता को एक बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। अब दुर्गा पूजा के दौरान मां के दर्शन और पंडालों की रौनक देखने के साथ-साथ लोग सरकारी योजनाओं के फॉर्म भी आसानी से भर सकेंगे। राज्य के नगर विकास विभाग की इस अनूठी पहल से कतारों में लगने और दफ्तरों के चक्कर काटने की झंझट से बड़ी राहत मिलने वाली है जिसकी शुरुआत खुद नगर मंत्री अग्निमित्रा पाल अपने विधानसभा क्षेत्र से करने जा रही हैं। आसनसोल में पूजा कमेटियों के साथ

सीतामढ़ी में बारिश के बाद बिजली करंट से पूजा समिति सदस्य की मौत, लोगों में गहरा आक्रोश सीतामढ़ी के मेहसौल थाना क्षेत्र के प्रतापनगर मोहल्ले में बारिश के बाद हुए हादसे ने बिजली विभाग और नगर निगम की लापरवाही को उजागर किया। मोहल्ले में आयोजित माँ दुर्गा पूजा समिति के सदस्य विपुल की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया था। इसी पानी में अचानक बिजली का करंट दौड़ने लगा। विपुल लगभग 10 मिनट तक करंट लगे पानी में तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने

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मां कात्यायनी का महत्व (Significance of Maa Katyayani): Shardiya Navratri 2025 के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी कहा गया। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं, इनके चार हाथ होते हैं – एक में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे हाथ से आशीर्वाद देती हैं और चौथा हाथ

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Manisha Devi News Patna: बिहार के पटना ज़िले के बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड के गंजपर गांव में इन दिनों आस्था और कौतूहल का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गांव की महिला मनीषा देवी नवरात्रि के अवसर पर ऐसी तपस्या कर रही हैं, जिसने आसपास के इलाके में चर्चा और श्रद्धा दोनों को जन्म दिया है। मनीषा देवी बीते चार दिनों से iron nails के bed पर लेटी हुई हैं। उनके सीने पर एक पवित्र Kalash रखा है और वे बिना अन्न-जल यानी पूर्ण Nirjala fast का पालन कर रही हैं। Manisha Devi: तपस्या का संकल्प ग्रामीणों

Manisha Devi News Patna: बिहार के पटना ज़िले के बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड के गंजपर गांव में इन दिनों आस्था और कौतूहल का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गांव की महिला मनीषा देवी नवरात्रि के अवसर पर ऐसी तपस्या कर रही हैं, जिसने आसपास के इलाके में चर्चा और श्रद्धा दोनों को जन्म दिया है। मनीषा देवी बीते चार दिनों से iron nails के bed पर लेटी हुई हैं। उनके सीने पर एक पवित्र Kalash रखा है और वे बिना अन्न-जल यानी पूर्ण Nirjala fast का पालन कर रही हैं। Manisha Devi: तपस्या का संकल्प ग्रामीणों

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति