
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में विवाद, दो गुटों की मारपीट में पांच घायल Nagpur Kamthi Encroachment Fight, Gandhi Chowk: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कपड़े की दुकान हटाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जूनी कामठी के गांधी चौक पर हुई इस घटना में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर कामठी नगर परिषद द्वारा गांधी चौक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान अमीन भाटी और प्रतीक खेसे की कपड़ों की दुकानें वहां मौजूद

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में विवाद, दो गुटों की मारपीट में पांच घायल Nagpur Kamthi Encroachment Fight, Gandhi Chowk: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कपड़े की दुकान हटाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जूनी कामठी के गांधी चौक पर हुई इस घटना में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर कामठी नगर परिषद द्वारा गांधी चौक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान अमीन भाटी और प्रतीक खेसे की कपड़ों की दुकानें वहां मौजूद

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन

नागपुर में बाबा साहब अंबेडकर अनुयायियों का स्थायी स्थल हेतु अनशन नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों द्वारा स्थायी स्थल की मांग को लेकर अनशन प्रदर्शन किया गया। इस अनशन का मुख्य उद्देश्य था कि नगर में उनके आदर्श नेता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर एक निश्चित स्थायी स्थल अलॉट किया जाए, जहाँ समुदाय नियमित रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सके। अनशन स्थल पर पहुंची नगर प्रशासन की टीम ने पाया कि अनुयायी जिस स्थान पर बैठे थे, वह किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है। अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन