
Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में

Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में

Hingoli Farmers Protest: Uproar Over Crop Insurance Non-Payment Hingoli: Hingoli जिले के किसानों ने 24 सितंबर को अपने गुस्से का इजहार करते हुए Hingoli Farmers Protest किया। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण मूंग, उड़द, सोयाबीन, कपास, हल्दी और ज्वार जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं, लेकिन बीमा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ। इसी पर क्रांतिकारी किसान संगठन, Revolutionary Kisan Sangh, ने बीमा कंपनी के कार्यालय में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की। संगठन के पदाधिकारी नामदेव पतंगे, सखाराम भाकरे और गजानन काले ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत की पूरी भरपाई मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि

Hingoli Farmers Protest: Uproar Over Crop Insurance Non-Payment Hingoli: Hingoli जिले के किसानों ने 24 सितंबर को अपने गुस्से का इजहार करते हुए Hingoli Farmers Protest किया। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण मूंग, उड़द, सोयाबीन, कपास, हल्दी और ज्वार जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं, लेकिन बीमा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ। इसी पर क्रांतिकारी किसान संगठन, Revolutionary Kisan Sangh, ने बीमा कंपनी के कार्यालय में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की। संगठन के पदाधिकारी नामदेव पतंगे, सखाराम भाकरे और गजानन काले ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत की पूरी भरपाई मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि