
Rahul Gandhi India US Trade Deal: संसद में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कई सवाल उठाए और सरकार पर आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की अनदेखी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि यह डील पूरी तरह से सरेंडर है और इसमें अमेरिका को सब कुछ मिला जबकि भारत खाली हाथ रह गया। कांग्रेस सांसद ने अपने भाषण में कहा कि इस डील के तहत अमेरिका के लिए कई रास्ते खोल दिए गए लेकिन भारत

Rahul Gandhi India US Trade Deal: संसद में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कई सवाल उठाए और सरकार पर आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की अनदेखी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि यह डील पूरी तरह से सरेंडर है और इसमें अमेरिका को सब कुछ मिला जबकि भारत खाली हाथ रह गया। कांग्रेस सांसद ने अपने भाषण में कहा कि इस डील के तहत अमेरिका के लिए कई रास्ते खोल दिए गए लेकिन भारत

भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिसे दोनों देशों ने ऐतिहासिक करार दिया है। लेकिन इस समझौते की घोषणा के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए कुछ दावों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर रूस से तेल खरीदारी बंद करने और भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर शून्य शुल्क लगाने के मुद्दे पर स्पष्टता नहीं है। इन सवालों के बीच व्हाइट हाउस ने सोमवार को एक फैक्ट शीट जारी की है। व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं।

भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिसे दोनों देशों ने ऐतिहासिक करार दिया है। लेकिन इस समझौते की घोषणा के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए कुछ दावों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर रूस से तेल खरीदारी बंद करने और भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर शून्य शुल्क लगाने के मुद्दे पर स्पष्टता नहीं है। इन सवालों के बीच व्हाइट हाउस ने सोमवार को एक फैक्ट शीट जारी की है। व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं।

U.S. Lifts Tariffs on India: अमेरिका और भारत के बीच व्यापार संबंधों में एक नया मोड़ आया है। अमेरिका ने भारत पर लगे टैरिफ हटाने का फैसला किया है। यह फैसला उस समय आया है जब भारत ने रूस से तेल की खरीद कम करने का संकेत दिया है। दोनों देशों के बीच हुए नए व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने अपने टैरिफ को 18 फीसदी तक सीमित करने का वादा किया है। साथ ही दवा, हीरे-जवाहरात, कपड़ा और गाड़ियों के पुर्जों जैसे भारतीय सामान पर टैरिफ और

U.S. Lifts Tariffs on India: अमेरिका और भारत के बीच व्यापार संबंधों में एक नया मोड़ आया है। अमेरिका ने भारत पर लगे टैरिफ हटाने का फैसला किया है। यह फैसला उस समय आया है जब भारत ने रूस से तेल की खरीद कम करने का संकेत दिया है। दोनों देशों के बीच हुए नए व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने अपने टैरिफ को 18 फीसदी तक सीमित करने का वादा किया है। साथ ही दवा, हीरे-जवाहरात, कपड़ा और गाड़ियों के पुर्जों जैसे भारतीय सामान पर टैरिफ और

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार होने को देश के लिए बड़ी खुशखबरी बताया है। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया है और कहा कि यह समझौता भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह रूपरेखा दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने इस

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार होने को देश के लिए बड़ी खुशखबरी बताया है। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया है और कहा कि यह समझौता भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह रूपरेखा दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने इस

India US Trade Agreement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस खबर को साझा करते हुए बताया कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार के दरवाजे खोलेगा। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा बढ़ावा इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला लिया है।

India US Trade Agreement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस खबर को साझा करते हुए बताया कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार के दरवाजे खोलेगा। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा बढ़ावा इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला लिया है।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की राह हुई आसान India US Trade Agreement: नई दिल्ली। देश के निर्यात और आर्थिक विकास पर छाए संकट के बादल अब धीरे-धीरे छंटते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच सोमवार देर रात हुई फोन पर बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर सहमति बन गई है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क की वजह से भारत के रोजगारपरक निर्यात पर जो खतरा मंडरा रहा था, वह अब कम

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की राह हुई आसान India US Trade Agreement: नई दिल्ली। देश के निर्यात और आर्थिक विकास पर छाए संकट के बादल अब धीरे-धीरे छंटते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच सोमवार देर रात हुई फोन पर बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर सहमति बन गई है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क की वजह से भारत के रोजगारपरक निर्यात पर जो खतरा मंडरा रहा था, वह अब कम