
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषगम यानी एएमएमके के संस्थापक टी.टी.वी. धीनाकरन ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए में शामिल होने का फैसला किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम यानी एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। यह घटना दोनों नेताओं के बीच लगभग नौ साल से चल रहे तनाव को कम करने का संकेत देती है। बुधवार को पलानीस्वामी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि धीनाकरन का यह कदम डीएमके की क्रूर सत्ता को

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषगम यानी एएमएमके के संस्थापक टी.टी.वी. धीनाकरन ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए में शामिल होने का फैसला किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम यानी एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। यह घटना दोनों नेताओं के बीच लगभग नौ साल से चल रहे तनाव को कम करने का संकेत देती है। बुधवार को पलानीस्वामी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि धीनाकरन का यह कदम डीएमके की क्रूर सत्ता को

चकाई विधानसभा में चुनावी रणभूमि: महाभारत का रंग जमुई जिले के चकाई विधानसभा क्षेत्र में 2025 का चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय राजनीतिक गलियों में ‘महाभारत’ की चर्चा तेज हो गई है। इस बार जदयू प्रत्याशी सुमित खुद को अभिमन्यू मानते हुए मैदान में उतरे हैं। 2020 में उन्होंने बतौर निर्दलीय लगभग 500 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी और मंत्री बनकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की थी। पिछले पांच वर्षों में उनकी लोकप्रियता पर एंटी-इंकम्बेंसी का प्रभाव दिखा, लेकिन इस बार उन्हें एनडीए गठबंधन का समर्थन मिलने से उत्साहपूर्ण

चकाई विधानसभा में चुनावी रणभूमि: महाभारत का रंग जमुई जिले के चकाई विधानसभा क्षेत्र में 2025 का चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय राजनीतिक गलियों में ‘महाभारत’ की चर्चा तेज हो गई है। इस बार जदयू प्रत्याशी सुमित खुद को अभिमन्यू मानते हुए मैदान में उतरे हैं। 2020 में उन्होंने बतौर निर्दलीय लगभग 500 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी और मंत्री बनकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की थी। पिछले पांच वर्षों में उनकी लोकप्रियता पर एंटी-इंकम्बेंसी का प्रभाव दिखा, लेकिन इस बार उन्हें एनडीए गठबंधन का समर्थन मिलने से उत्साहपूर्ण

बीजेपी की बड़ी बैठक में Bihar Assembly Elections की रणनीति पर चर्चा, चिराग की नाराजगी पर भी फोकस बिहार में Bihar Assembly Elections की घोषणा होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। इसी क्रम में आज बिहार बीजेपी ने अपने प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह बैठक इस लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें आगामी चुनाव में रणनीति और पिछली बार हारने वाले क्षेत्रों पर विशेष चर्चा की गई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि आज

बीजेपी की बड़ी बैठक में Bihar Assembly Elections की रणनीति पर चर्चा, चिराग की नाराजगी पर भी फोकस बिहार में Bihar Assembly Elections की घोषणा होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। इसी क्रम में आज बिहार बीजेपी ने अपने प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह बैठक इस लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें आगामी चुनाव में रणनीति और पिछली बार हारने वाले क्षेत्रों पर विशेष चर्चा की गई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि आज