
NEET UG Re-Exam 2026: NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को होने वाला है। परीक्षा से पहले नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने कॉलेज प्रशासन से कहा है कि 20 और 21 जून को छात्रों को सामान्य छुट्टी न दी जाए। केवल आपात स्थिति या किसी वैध कारण की स्थिति में ही अवकाश मंजूर किया जाए। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना है। क्यों लगाई गयी छुट्टी पर रोक ? NMC ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि परीक्षा की

NEET UG Re-Exam 2026: NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को होने वाला है। परीक्षा से पहले नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने कॉलेज प्रशासन से कहा है कि 20 और 21 जून को छात्रों को सामान्य छुट्टी न दी जाए। केवल आपात स्थिति या किसी वैध कारण की स्थिति में ही अवकाश मंजूर किया जाए। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना है। क्यों लगाई गयी छुट्टी पर रोक ? NMC ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि परीक्षा की

Telegram Ban: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले लगाए गए अस्थायी बैन को हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक जारी रखने की अनुमति दे दी है। जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत नियमों का पालन करते हुए यह फैसला लिया है। नीट-यूजी परीक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी था और इसके पीछे उचित कारण मौजूद हैं। कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राम पर

Telegram Ban: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले लगाए गए अस्थायी बैन को हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक जारी रखने की अनुमति दे दी है। जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत नियमों का पालन करते हुए यह फैसला लिया है। नीट-यूजी परीक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी था और इसके पीछे उचित कारण मौजूद हैं। कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राम पर

Telegram Ban Delhi High Court: नीट यूजी परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस ताजस करिया की बेंच के समक्ष होनी है, जिसने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध मालूम हो केंद्र सरकार ने कल 16 जून को फैसला लिया था कि 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और

Telegram Ban Delhi High Court: नीट यूजी परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस ताजस करिया की बेंच के समक्ष होनी है, जिसने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध मालूम हो केंद्र सरकार ने कल 16 जून को फैसला लिया था कि 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और

NEET UG 2026 : नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार ने टेलीग्राम पर सख्ती बढ़ा दी है। पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। एनटीए ने छात्रों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

NEET UG 2026 : नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार ने टेलीग्राम पर सख्ती बढ़ा दी है। पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। एनटीए ने छात्रों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

Telegram Ban in India: NEET री-एग्जाम 2026 से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की निष्पक्षता बनाए रखने और पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों व भ्रामक सामग्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। 22 जून तक Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत

Telegram Ban in India: NEET री-एग्जाम 2026 से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की निष्पक्षता बनाए रखने और पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों व भ्रामक सामग्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। 22 जून तक Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत

NEET Re-Exam 2026: NEET री-एग्जाम 2026 से पहले बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। 21 जून को होने वाली परीक्षा को देखते हुए एजेंसी ने आशंका जताई है कि साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया, फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बना सकते हैं। EOU ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के पेपर लीक, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा में मदद दिलाने के झूठे दावों पर भरोसा न करें। छात्रों से सावधान रहने कि अपील EOU के अनुसार,

NEET Re-Exam 2026: NEET री-एग्जाम 2026 से पहले बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। 21 जून को होने वाली परीक्षा को देखते हुए एजेंसी ने आशंका जताई है कि साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया, फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बना सकते हैं। EOU ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के पेपर लीक, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा में मदद दिलाने के झूठे दावों पर भरोसा न करें। छात्रों से सावधान रहने कि अपील EOU के अनुसार,