
Blue Moon: आज 31 मई 2026 की शाम आसमान में एक बेहद खास और दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस घटना कोब्लू मून (Blue Moon) कहा जाता है। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी यह एक शानदार मौका है, क्योंकि ऐसा नजारा रोज-रोज देखने को नहीं मिलता। खास बात यह है कि इस अद्भुत चांद को देखने के लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। इसे खुली आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। क्या होता है ब्लू मून? हालांकि, ब्लू मून नाम सुनकर कई लोगों को लगता है

Blue Moon: आज 31 मई 2026 की शाम आसमान में एक बेहद खास और दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस घटना कोब्लू मून (Blue Moon) कहा जाता है। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी यह एक शानदार मौका है, क्योंकि ऐसा नजारा रोज-रोज देखने को नहीं मिलता। खास बात यह है कि इस अद्भुत चांद को देखने के लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। इसे खुली आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। क्या होता है ब्लू मून? हालांकि, ब्लू मून नाम सुनकर कई लोगों को लगता है

Magh Purnima 2026: माघ मास को सनातन परंपरा में पुण्य का महीना माना जाता है और इसी मास की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। हर साल की तरह इस बार भी माघ पूर्णिमा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई तरह के सवाल हैं। सबसे बड़ा कंफ्यूजन यही है कि स्नान-दान 1 फरवरी को किया जाए या 2 फरवरी को। किसी पंचांग में एक तारीख बताई जा रही है तो कहीं दूसरी। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि सही तिथि और मुहूर्त को साफ-साफ समझा जाए, ताकि श्रद्धालु बिना भ्रम के अपना धार्मिक

Magh Purnima 2026: माघ मास को सनातन परंपरा में पुण्य का महीना माना जाता है और इसी मास की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। हर साल की तरह इस बार भी माघ पूर्णिमा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई तरह के सवाल हैं। सबसे बड़ा कंफ्यूजन यही है कि स्नान-दान 1 फरवरी को किया जाए या 2 फरवरी को। किसी पंचांग में एक तारीख बताई जा रही है तो कहीं दूसरी। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि सही तिथि और मुहूर्त को साफ-साफ समझा जाए, ताकि श्रद्धालु बिना भ्रम के अपना धार्मिक