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Shivaji Jayanti

Shivaji Maharaj lecture In Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी के जीवन पर व्याख्यान

Nagpur University: छत्रपति शिवाजी महाराज को जीवन में उतारें तो सुलझेंगी समाज की सभी समस्याएं | Photos

शिवाजी महाराज के विचारों को जीवन में उतारना जरूरी Shivaji Maharaj lecture In Nagpur University: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जलगांव की इतिहास प्रबोधन संस्था के विश्वस्त श्री रवींद्र पाटील ने इस अवसर पर कहा कि यदि छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों को केवल किताबों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारा जाए, तो समाज की सभी समस्याओं का समाधान संभव है। यह कार्यक्रम जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित किया गया था। जीवन

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शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में मची भगदड़, कई लोग घायल

शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में मची भगदड़, कई लोग घायल; देखें VIDEO

Shivaji Jayanti: महाराष्ट्र में हर साल 19 फरवरी का दिन गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का होता है। लेकिन इस बार पुणे जिले के शिवनेरी किले से जो खबर आई, उसने जश्न के माहौल को चिंता में बदल दिया। भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए। शिवनेरी किले में तड़के सुबह मचा हड़कंप पुलिस के मुताबिक यह घटना आज सुबह करीब 3:30 बजे हुई। उस समय बड़ी संख्या में लोग मशाल लेकर मीना दरवाजा के पास से नीचे उतर रहे थे। शिवाजी जयंती

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Nagpur Central Jail Shivaji Jayanti celebration: नागपुर जेल में कैदियों ने शिवाजी जयंती पर बनाई शिवनेरी किले की प्रतिकृति

नागपुर जेल में कैदियों ने बनाई शिवनेरी किले की खूबसूरत प्रतिकृति

कारागार में कैदियों की कला को मिला मंच Nagpur Central Jail Shivaji Jayanti celebration: नागपुर केंद्रीय कारागार में 17 फरवरी 2026 को एक अनोखी पहल देखने को मिली। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर यहां के कैदियों ने उनके जन्मस्थान शिवनेरी किले की बेहद खूबसूरत प्रतिकृति तैयार की। यह पहल महाराष्ट्र कारागार विभाग के “सुधार एवं पुनर्वसन” के उद्देश्य का एक जीवंत उदाहरण है। जेल प्रशासन का मानना है कि कैदियों की छिपी प्रतिभा को उभारकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा सकता है। इस परियोजना में कैदियों ने अपनी सृजनात्मकता और कल्पनाशक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन

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