शेयर बाजार में छोटी कंपनियों के शेयरों यानी स्मॉलकैप में निवेश करना जोखिम भरा होता है, लेकिन जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार अपनी हिस्सेदारी घटाने लगें तो यह खतरे की घंटी मानी जाती है। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि पिछली तीन तिमाहियों में विदेशी निवेशकों ने 11 प्रमुख स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी में लगातार कटौती की है। इसका नतीजा यह रहा कि इन शेयरों की कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि जब बड़े और अनुभवी निवेशक