
बजट 2026 पर संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ी बहस भारत की संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को यह बजट पेश किया था, जिसके बाद अब देश के भविष्य और विकास के रोडमैप पर नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहाँ सत्ता पक्ष इस बजट को 2047 तक विकसित भारत बनाने की नींव बता रहा है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इसमें आम जनता और रोजगार के लिए कुछ खास नहीं है। अरुण भारती

बजट 2026 पर संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ी बहस भारत की संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को यह बजट पेश किया था, जिसके बाद अब देश के भविष्य और विकास के रोडमैप पर नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहाँ सत्ता पक्ष इस बजट को 2047 तक विकसित भारत बनाने की नींव बता रहा है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इसमें आम जनता और रोजगार के लिए कुछ खास नहीं है। अरुण भारती

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, उनमें आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का भाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रास्ता बना रही है और विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, संरचनात्मक सुधार, तकनीक को बढ़ावा और टियर 2-3 शहरों पर फोकस – ये सब सुनने में बेहद प्रभावशाली लगता है। लेकिन क्या यह सब धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाएगा? आइए, इन दावों की पड़ताल करें। पूंजीगत

नागपुर से विधायक प्रवीण दटके ने जब केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो उनके शब्दों में आशावाद और विश्वास झलक रहा था। उन्होंने इसे केवल वार्षिक आर्थिक विवरण नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला व्यापक दस्तावेज बताया। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो कई सवाल उभरते हैं। क्या यह बजट सचमुच “सबका साथ, सबका विकास” का प्रतीक है या फिर यह भी चुनिंदा वर्गों तक सीमित रह जाएगा? बुनियादी ढांचे में भारी निवेश का वादा बजट की सबसे बड़ी घोषणा 12 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत

नागपुर से विधायक प्रवीण दटके ने जब केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो उनके शब्दों में आशावाद और विश्वास झलक रहा था। उन्होंने इसे केवल वार्षिक आर्थिक विवरण नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला व्यापक दस्तावेज बताया। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो कई सवाल उभरते हैं। क्या यह बजट सचमुच “सबका साथ, सबका विकास” का प्रतीक है या फिर यह भी चुनिंदा वर्गों तक सीमित रह जाएगा? बुनियादी ढांचे में भारी निवेश का वादा बजट की सबसे बड़ी घोषणा 12 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब संसद में बजट 2026 पेश किया, तो पूरे देश की निगाहें एक बार फिर उन घोषणाओं पर टिक गईं जो आने वाले समय में भारत की आर्थिक दिशा तय करेंगी। यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो रोज सुबह उठकर अपने कारोबार, खेती और रोजगार की चिंता में जुटे रहते हैं। इस बार का बजट व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिहाज से काफी महत्वाकांक्षी नजर आता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में वाकई बदलाव ला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब संसद में बजट 2026 पेश किया, तो पूरे देश की निगाहें एक बार फिर उन घोषणाओं पर टिक गईं जो आने वाले समय में भारत की आर्थिक दिशा तय करेंगी। यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो रोज सुबह उठकर अपने कारोबार, खेती और रोजगार की चिंता में जुटे रहते हैं। इस बार का बजट व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिहाज से काफी महत्वाकांक्षी नजर आता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह धरातल पर उतरकर आम आदमी की जिंदगी में वाकई बदलाव ला

देश का केंद्रीय बजट हर साल करोड़ों लोगों की उम्मीदों का केंद्र बनता है। इस बार भी जब वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश किया, तो चमकदार योजनाओं और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झड़ी लग गई। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो एक गहरा सवाल उभरता है – क्या यह बजट वाकई उस इंसान के लिए है जो रोज सुबह उठकर महंगाई से जूझता है, बेरोजगारी की मार झेलता है, और अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष करता है? चमक-दमक में खोया सच बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर,

देश का केंद्रीय बजट हर साल करोड़ों लोगों की उम्मीदों का केंद्र बनता है। इस बार भी जब वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश किया, तो चमकदार योजनाओं और भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झड़ी लग गई। लेकिन जब हम इस बजट को आम नागरिक की नजर से देखते हैं, तो एक गहरा सवाल उभरता है – क्या यह बजट वाकई उस इंसान के लिए है जो रोज सुबह उठकर महंगाई से जूझता है, बेरोजगारी की मार झेलता है, और अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष करता है? चमक-दमक में खोया सच बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर,

Union Budget 2026: रविवार को संसद में पेश हुए आम बजट 2026 ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू उद्योग, मेक इन इंडिया और आम उपभोक्ता की रोजमर्रा की जरूरतों पर केंद्रित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के अपने कार्यकाल का लगातार 9वां बजट पेश करते हुए कई ऐसे ऐलान किए, जिनका सीधा असर बाजार, उद्योग और आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सरकार ने उन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला लिया, जो भारत में बनती हैं या

Union Budget 2026: रविवार को संसद में पेश हुए आम बजट 2026 ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू उद्योग, मेक इन इंडिया और आम उपभोक्ता की रोजमर्रा की जरूरतों पर केंद्रित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के अपने कार्यकाल का लगातार 9वां बजट पेश करते हुए कई ऐसे ऐलान किए, जिनका सीधा असर बाजार, उद्योग और आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सरकार ने उन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला लिया, जो भारत में बनती हैं या

Gold-Silver Price: केंद्रीय बजट 2026 पेश होने से ठीक पहले देश के वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर संसद में बजट भाषण की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में गिरावट का माहौल बना हुआ है। निवेशकों से लेकर आम लोगों तक, हर कोई यह समझने की कोशिश कर रहा है कि यह गिरावट सिर्फ बजट से पहले की घबराहट है या किसी बड़े बदलाव का संकेत। आज सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए। बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी, जिसका असर खासतौर पर

Gold-Silver Price: केंद्रीय बजट 2026 पेश होने से ठीक पहले देश के वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर संसद में बजट भाषण की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में गिरावट का माहौल बना हुआ है। निवेशकों से लेकर आम लोगों तक, हर कोई यह समझने की कोशिश कर रहा है कि यह गिरावट सिर्फ बजट से पहले की घबराहट है या किसी बड़े बदलाव का संकेत। आज सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए। बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी, जिसका असर खासतौर पर

Union Budget 2026: आज का दिन भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद खास है। देश की वित्तीय दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026 आज संसद में पेश किया जाना है। बजट से ठीक पहले की रस्में और परंपराएं हमेशा से खास रही हैं, और इस बार भी वही दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक का ध्यान खींच लिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह बजट दस्तावेज के साथ वित्त मंत्रालय से बाहर निकलीं। उनके हाथ में डिजिटल टैबलेट था, जिसे पारंपरिक लाल रंग के ‘बही-खाता’ कवर में सजाया गया था।

Union Budget 2026: आज का दिन भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद खास है। देश की वित्तीय दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026 आज संसद में पेश किया जाना है। बजट से ठीक पहले की रस्में और परंपराएं हमेशा से खास रही हैं, और इस बार भी वही दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक का ध्यान खींच लिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह बजट दस्तावेज के साथ वित्त मंत्रालय से बाहर निकलीं। उनके हाथ में डिजिटल टैबलेट था, जिसे पारंपरिक लाल रंग के ‘बही-खाता’ कवर में सजाया गया था।

Union Budget 2026: संसद के बजट सत्र का औपचारिक आगाज हो चुका है और इसके साथ ही देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के सबसे अहम दौर की शुरुआत मानी जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को सामने रखा। उनके संबोधन ने यह साफ कर दिया कि सरकार बुनियादी ढांचे, तकनीक और आर्थिक सुधारों को आने वाले समय में भी विकास का आधार मान रही है। यह बजट सत्र ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर

Union Budget 2026: संसद के बजट सत्र का औपचारिक आगाज हो चुका है और इसके साथ ही देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के सबसे अहम दौर की शुरुआत मानी जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को सामने रखा। उनके संबोधन ने यह साफ कर दिया कि सरकार बुनियादी ढांचे, तकनीक और आर्थिक सुधारों को आने वाले समय में भी विकास का आधार मान रही है। यह बजट सत्र ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर