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बजट 2026 पर संसद में जोरदार बहस: विकसित भारत के लक्ष्य और विपक्ष के तीखे सवाल

बजट 2026 पर संसद में जोरदार बहस: विकसित भारत के लक्ष्य और विपक्ष के तीखे सवाल
Union Budget 2026: बजट पर संसद में चर्चा और पक्ष-विपक्ष की राय (File Photo)

Union Budget 2026: संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर गहन चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने इसे 53 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट बताते हुए 2047 तक विकसित भारत की नींव करार दिया। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डेटा सुरक्षा, एआई से नौकरियों को खतरा और भारत-यूएस व्यापार समझौते पर सरकार को घेरा। क्षेत्रीय विकास और रोजगार नीतियों पर भी सांसदों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

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Asfi Shadab
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बजट 2026 पर संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ी बहस

भारत की संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को यह बजट पेश किया था, जिसके बाद अब देश के भविष्य और विकास के रोडमैप पर नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहाँ सत्ता पक्ष इस बजट को 2047 तक विकसित भारत बनाने की नींव बता रहा है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इसमें आम जनता और रोजगार के लिए कुछ खास नहीं है।

अरुण भारती ने बिहार के विकास और विजन को सराहा

चर्चा में भाग लेते हुए एलजेपी (आर) के नेता अरुण भारती ने केंद्रीय बजट की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के विकास के लिए एक बड़ा विजन लेकर आया है। उनके अनुसार, यह समावेशी है और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलता है। भारती ने विशेष रूप से एमएसएमई (MSME) सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग को मिलने वाले बढ़ावा का जिक्र किया।

बिहार का पक्ष रखते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार को प्राथमिकता दी है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच राज्य को मिलने वाली मदद लगभग तीन लाख करोड़ रुपये थी, जो 2014 से 2024 के बीच बढ़कर नौ लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह तीन गुना वृद्धि राज्य की प्रगति में सहायक होगी।

विपक्षी दलों ने बजट की कमियों पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने बजट पर नाराजगी जताते हुए इसे निराशाजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हेल्थ मिशन के लिए बजट में कमी की गई है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के इंद्र हंग सुब्बा ने बजट का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें रिसर्च और इंडस्ट्री पर ध्यान दिया गया है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा।

सुधीर गुप्ता ने बजट के बढ़ते आकार पर दी जानकारी

भाजपा सांसद सुधीर गुप्ता ने बजट की चर्चा में शामिल होकर 2047 के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि यूपीए सरकार के समय 2013-14 में बजट का आकार 16 लाख करोड़ रुपये था, जो अब एनडीए सरकार के शासन में 2026-27 तक बढ़कर 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे (Capital Expenditure) पर खर्च में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिससे देश की सुरक्षा और रफ़्तार दोनों बढ़ेगी।

राहुल गांधी का सरकार पर हमला और डेटा का मुद्दा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस बजट में कुछ भी ठोस नहीं है। राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एआई के कारण इंजीनियरिंग और आईटी क्षेत्र में नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुनिया में ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने का कोई रास्ता नहीं दिखाया गया है।

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर डिजिटल व्यापार नियमों पर नियंत्रण खोने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डेटा आज के समय की सबसे बड़ी शक्ति है और सरकार इसे सुरक्षित रखने में विफल रही है।

अनुराग ठाकुर और अशोक चव्हाण ने बताया कल्याणकारी बजट

भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि यह बजट गरीबों के कल्याण, महिलाओं की शक्ति, किसानों की प्रगति और युवाओं के अवसरों को समर्पित है। राज्यसभा में भी ऐसी ही चर्चा देखने को मिली। अशोक चव्हाण ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उद्यमियों और समाज के वंचित वर्गों को मजबूत करने वाला है।

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के सुझाव

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) नेता एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि भारत के पास दुनिया का नेतृत्व करने की प्रतिभा और महत्वाकांक्षा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट को केवल नंबरों के लिए नहीं, बल्कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की समझदारी के लिए याद किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि केवल विकास दर (Growth) काफी नहीं है, बल्कि नीतियों के केंद्र में रोजगार का होना बहुत जरूरी है।

केरल और मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा

राज्यसभा में आईयूएमएल के हारिस बीरन ने आरोप लगाया कि बजट में केरल की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों और मछुआरों के लिए इसमें कुछ भी खास नहीं है। उन्होंने केरल में दुर्लभ खनिज परियोजना (Rare Earth Project) को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। सदन में चर्चा अभी भी जारी है और दोनों तरफ से दावों और प्रतिदावों का दौर चल रहा है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।