
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 11 सीटों पर होने वाले चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप ने मंगलवार को इन सीटों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 12 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं, जो 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डालने के हकदार होंगे। यह चुनाव इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि इन सीटों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म होने वाला है। चुनाव की तैयारी और प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस पूरी प्रक्रिया को शुरू किया

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 11 सीटों पर होने वाले चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप ने मंगलवार को इन सीटों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 12 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं, जो 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डालने के हकदार होंगे। यह चुनाव इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि इन सीटों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म होने वाला है। चुनाव की तैयारी और प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस पूरी प्रक्रिया को शुरू किया

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन संशोधन के बाद प्रदेश की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ी बात यह है कि कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ से अधिक नामों को हटा दिया गया है। यह खबर राज्य की राजनीति में हलचल मचा सकती है क्योंकि आने वाले चुनावों में यह सूची अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन नामों

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन संशोधन के बाद प्रदेश की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ी बात यह है कि कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ से अधिक नामों को हटा दिया गया है। यह खबर राज्य की राजनीति में हलचल मचा सकती है क्योंकि आने वाले चुनावों में यह सूची अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिन नामों

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की समयसीमा में परिवर्तन राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण अभियान के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने पूर्व निर्धारित समयसीमा में संशोधन करते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि को 15 जनवरी से बढ़ाकर अब छह फरवरी कर दिया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को अपनी जानकारी संशोधित करने या अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का अवसर प्रदान करना है। पुनरीक्षित समयसारिणी का विस्तृत

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की समयसीमा में परिवर्तन राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण अभियान के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने पूर्व निर्धारित समयसीमा में संशोधन करते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि को 15 जनवरी से बढ़ाकर अब छह फरवरी कर दिया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को अपनी जानकारी संशोधित करने या अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का अवसर प्रदान करना है। पुनरीक्षित समयसारिणी का विस्तृत