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दिल्ली मेट्रो क्वार्टर में लगी भीषण आग, झुलसकर पति-पत्नी और मासूम बच्ची की मौत

सिरमौर में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट
सिरमौर में देर रात सिलेंडर ब्लास्ट ( सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली के आदर्श नगर स्थित मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में आग लगने से पति, पत्नी और उनकी 10 वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। आग देर रात लगी और सुबह तक काबू पाई गई। यह हादसा शहरी आवासीय इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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Delhi Fire Incident: दिल्ली के बाहरी इलाके आदर्श नगर में बीती रात जो हुआ, वह सिर्फ एक अग्निकांड नहीं था, बल्कि शहरी जीवन की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल था। दिल्ली मेट्रो स्टाफ के लिए बनाए गए क्वार्टर में लगी आग ने एक पति, पत्नी और उनकी मासूम बच्ची की जान ले ली। आग की लपटों और चीखों ने एक परिवार को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

यह घटना उस समय हुई जब पूरा परिवार अपने कमरे में सो रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। सुबह होते-होते तीन जिंदगियां राख में तब्दील हो चुकी थीं. मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय, उनकी 38 वर्षीय पत्नी नीलम और 10 वर्षीय बेटी जान्हवी के रूप में हुई है। यह परिवार दिल्ली मेट्रो से जुड़े आवास में रह रहा था और एक सामान्य, शांत जीवन जी रहा था। एक ही रात में पूरे परिवार का खत्म हो जाना आसपास के लोगों के लिए भी सदमे से कम नहीं है।

देर रात लगी आग और दमकल विभाग की दौड़

दमकल विभाग को रात 2:39 बजे सूचना मिली कि आदर्श नगर स्थित डीएमआरसी स्टाफ क्वार्टर में घरेलू सामान में आग लगी है। सूचना मिलते ही छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। पांचवें फ्लोर पर लगी आग ने दमकल कर्मियों के लिए भी स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

जब दमकल कर्मी आग बुझाते हुए कमरे के भीतर पहुंचे, तो वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था। कमरे के अंदर पति-पत्नी और उनकी 10 वर्षीय बच्ची के शव जली हालत में मिले। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि आग बेहद तेजी से फैली और परिवार को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

सुबह तक आग पर काबू

दमकल विभाग के अनुसार सुबह 6:40 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। हालांकि आग बुझ गई, लेकिन कई सवाल अब भी धधक रहे हैं। आग किस वजह से लगी, क्या शॉर्ट सर्किट जिम्मेदार था या कोई और कारण, इसकी जांच अब पुलिस और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के एक कर्मचारी राकेश के हाथ में चोट लग गई। उन्हें तुरंत जगजीवन अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

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