संघर्ष दिवस पर समाज को एकजुट रहने का संदेश
नागपुर। पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी (पीरिपा) के वरिष्ठ नेता प्रा. जोगेंद्र कवाडे ने रविवार को स्पष्ट किया कि शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्ग के लिए उनका संघर्ष जीवन की अंतिम सांस तक जारी रहेगा।
नागपुर के आनंद नगर स्थित पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उनका जन्मदिन इस वर्ष भी ‘संघर्ष दिवस’ के रूप में मनाया गया। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शॉल और पुष्पहार से उनका सम्मान किया।

अपने संबोधन में प्रा. कवाडे ने कहा
“देश को स्वतंत्र हुए 77 वर्ष हो चुके हैं, फिर भी समाज का एक बड़ा वर्ग, जो डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ा रहा है, अब भी समानता के लिए संघर्षरत है। मैं स्वयं को उसी वर्ग का एक सामान्य कार्यकर्ता मानता हूं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जातीय राजनीति के जरिए समाज में विभाजन फैलाया जा रहा है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
प्रा. कवाडे ने मराठवाड़ा विश्वविद्यालय नामांतरण आंदोलन को संघर्ष का प्रतीक बताते हुए कहा कि लंबे और कठिन संघर्ष के बाद ही वह सफलता मिली थी — और यही उनकी कार्यशैली की पहचान है।
कार्यक्रम में पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पीरिपा द्वारा राज्यभर में यह दिवस ‘संघर्ष दिवस’ के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र