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एआर रहमान के बयान पर जावेद जाफरी का समर्थन, बॉलीवुड में बदलाव को लेकर दिया बड़ा बयान

एआर रहमान के बयान पर जावेद जाफरी का समर्थन, बॉलीवुड में बदलाव को लेकर दिया बड़ा बयान
Javed Jaffrey Supports AR Rahman: एआर रहमान के बयान पर जावेद जाफरी का समर्थन, बॉलीवुड में बदलाव पर दिया बड़ा बयान (FB,IG Photo)

बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी ने एआर रहमान के विवादित बयान का समर्थन किया। रहमान ने कहा था कि पिछले आठ सालों में सांप्रदायिक भेदभाव के कारण उन्हें काम कम मिला। जावेद ने कहा कि इंडस्ट्री में डिजिटल युग, बदलती पसंद और बिजनेस के कारण बड़े बदलाव आए हैं। अब फिल्में नहीं प्रोजेक्ट बनते हैं और नंबर्स मायने रखते हैं।

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Asfi Shadab
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Javed Jaffrey Supports AR Rahman: बॉलीवुड इंडस्ट्री में आए बदलाव और संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। जब बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता जावेद जाफरी ने रहमान के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। जावेद ने फिल्म इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों पर खुलकर अपनी राय रखी और कहा कि आज का दौर पहले से बिल्कुल अलग है।

एआर रहमान का विवादित बयान

संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पिछले आठ सालों से बॉलीवुड में काम कम मिल रहा है। रहमान ने इसके पीछे सांप्रदायिक भेदभाव को कारण बताया था। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में बदलते माहौल और सत्ता में आए बदलाव के बाद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। यह बात उन्हें कानाफूसी में पता चली। इस बयान के बाद बॉलीवुड में काफी बवाल मच गया और कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए। बाद में रहमान को एक वीडियो जारी कर माफी भी मांगनी पड़ी।

जावेद जाफरी ने क्यों दिया समर्थन

इस पूरे मामले पर अब बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर जावेद जाफरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रहमान के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सच में बहुत बदलाव आया है। जावेद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह बदलाव सिर्फ बॉलीवुड में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है। उन्होंने डिजिटल क्रांति और एआई के आने को भी इस बदलाव का कारण बताया।

डिजिटल युग और बदलती दुनिया

जावेद जाफरी ने अपने बयान में कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। फैशन बदल रहा है, खाने की आदतें बदल रही हैं, लोगों की सोच और मूल्य भी बदल रहे हैं। फिल्मों में कहानी कहने का तरीका भी पूरी तरह से बदल गया है। उन्होंने बताया कि आज की नई पीढ़ी जिसे जेन जी और अल्फा कहा जाता है उनका ध्यान केवल छह सेकेंड तक ही रहता है। इसका मतलब यह है कि दर्शकों को जल्दी से जल्दी अपनी तरफ खींचना जरूरी है।

फिल्मों में आया बदलाव

जावेद ने आगे कहा कि पहले के समय में फिल्मों में लंबी और गहरी कहानियां दिखाई जाती थीं। दर्शकों के पास समय था और वे पूरी फिल्म को धैर्य से देखते थे। लेकिन अब समय की कमी है। लोगों के पास चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म, शॉर्ट वीडियो, वेब सीरीज और दूसरे कई माध्यम उपलब्ध हैं। ऐसे में फिल्म निर्माताओं को भी अपने काम में बदलाव लाना पड़ रहा है।

बिजनेस और नंबर्स का खेल

जावेद जाफरी ने यह भी कहा कि आज के समय में सिर्फ अच्छी कहानी या अच्छा संगीत काफी नहीं है। बिजनेस और नंबर्स भी बहुत मायने रखते हैं। पहले फिल्में बनाई जाती थीं लेकिन अब प्रोजेक्ट बनाए जाते हैं। मतलब हर चीज को एक बड़ी योजना के तहत तैयार किया जाता है। इसमें मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रमोशन, ब्रांडिंग और कमाई के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

सांप्रदायिक भेदभाव का सवाल

एआर रहमान ने अपने बयान में जिस सांप्रदायिक भेदभाव की बात की थी वह एक गंभीर मुद्दा है। हालांकि जावेद ने इस पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों को स्वीकार किया। उनका कहना है कि जैसे-जैसे समाज बदलता है वैसे-वैसे इंडस्ट्री भी बदलती है। कई बार ये बदलाव अच्छे होते हैं और कई बार चुनौतीपूर्ण।

इंडस्ट्री में काम की कमी

रहमान जैसे बड़े संगीतकार को भी अगर काम नहीं मिल रहा तो यह सोचने वाली बात है। उन्होंने हॉलीवुड में ऑस्कर जीता है और भारतीय संगीत को दुनियाभर में पहचान दिलाई है। फिर भी पिछले आठ सालों में उन्हें बॉलीवुड में काम कम मिला। इसका क्या कारण है यह एक बड़ा सवाल है। क्या यह सिर्फ बदलती पसंद है या फिर कुछ और कारण हैं।

नया दौर और नई चुनौतियां

जावेद जाफरी ने अपनी बात में यह साफ किया कि आज का दौर नई चुनौतियों से भरा है। पुरानी पीढ़ी के कलाकारों को नई तकनीक और नए तरीकों को अपनाना होगा। युवा दर्शकों की पसंद को समझना होगा। तभी इस बदलते समय में टिका जा सकता है। फिल्म इंडस्ट्री अब पहले जैसी नहीं रही। यहां हर दिन कुछ नया हो रहा है।

रहमान की माफी

Javed Jaffrey Supports AR Rahman: अपने बयान के बाद हुए विवाद को देखते हुए एआर रहमान ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। वे सिर्फ अपने अनुभव को साझा कर रहे थे। लेकिन अगर किसी को बुरा लगा तो वे खेद जताते हैं। यह माफी इस बात का संकेत है कि आज के दौर में हर बयान को बहुत सोच-समझकर देना पड़ता है।

बॉलीवुड का भविष्य

जावेद और रहमान दोनों की बातों से यह साफ होता है कि बॉलीवुड एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। यहां पुरानी परंपराएं टूट रही हैं और नए नियम बन रहे हैं। इस बदलाव को स्वीकार करना ही होगा। कलाकारों को अपने काम में लगातार सुधार करना होगा। तभी वे दर्शकों के दिलों में जगह बना पाएंगे।

बॉलीवुड इंडस्ट्री में हो रहे इन बदलावों पर बहस जारी रहेगी। लेकिन एक बात तय है कि समय के साथ हर चीज बदलती है। जो इस बदलाव को अपना लेता है वही आगे बढ़ता है। एआर रहमान और जावेद जाफरी दोनों अनुभवी कलाकार हैं और उनके विचार इंडस्ट्री के लिए सोचने का एक नया नजरिया देते हैं।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।