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क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 एपिसोड 167: तुलसी-मिहिर के अजीब पल, पारी की घरेलू हिंसा और नोइना की जलन

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 एपिसोड 167: तुलसी-मिहिर के अजीब पल, पारी की घरेलू हिंसा और नोइना की जलन
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 Episode 167: तुलसी-मिहिर के अजीब पल और पारी की परेशानी (Image Source: IMDB)

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के एपिसोड 167 में तुलसी और मिहिर सूरत में बापूजी की शादी में शामिल होते हैं। दोनों खुशहाल दंपति का दिखावा करते हैं जबकि उनके बीच तनाव है। नोइना को तुलसी से जलन होती है। पारी अपनी हिंसक शादी की सच्चाई छुपाती है। बापूजी तुलसी-मिहिर को अंगूठियों का तोहफा देते हैं।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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विषयसूची

एकता कपूर के मशहूर धारावाहिक क्योंकि सास भी कभी बहू थी का दूसरा सीजन दर्शकों के बीच खूब लोकप्रिय हो रहा है। छह साल की छलांग के बाद तुलसी विरानी अपने परिवार से दोबारा जुड़ी हैं। स्टार प्लस पर हर शाम 10:30 बजे प्रसारित होने वाले इस शो में अब तुलसी, मिहिर और बाकी परिवार के सदस्य बापूजी की शादी समारोह में शामिल होने सूरत पहुंचे हैं। 11 जनवरी को प्रसारित एपिसोड 167 में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले।

तुलसी और मिहिर के बीच बेचैनी भरे पल

हाल के एपिसोड में तुलसी और मिहिर के बीच का तनावपूर्ण रिश्ता साफ झलकता है। हालांकि दोनों के बीच रिश्ते में खटास है, लेकिन बापूजी और सूरत में रह रहे परिवार के सामने वे खुशहाल दंपति होने का नाटक करते हैं। उन्हें एक बड़ा कपल सूट मिलता है, जिसे देखकर नोइना परेशान हो जाती है। उसे डर सताने लगता है कि कहीं तुलसी की मौजूदगी से मिहिर के दिल में फिर से पुरानी भावनाएं न जाग जाएं।

मिहिर नोइना के साथ प्यार में होने का दिखावा करते हैं, जिससे तुलसी आहत होकर कमरे से बाहर चली जाती हैं। यह दृश्य दर्शकों को तुलसी और मिहिर के बीच की जटिल भावनाओं को समझने का मौका देता है। एक तरफ तुलसी अपने दिल की बात छुपाती हैं, तो दूसरी तरफ मिहिर भी अपनी असलियत को परिवार से दूर रखते हैं।

 

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नोइना की माफी और बढ़ती जलन

एपिसोड में बापूजी नोइना को तुलसी का अपमान करने के बाद माफी मांगने के लिए कहते हैं। बाद में पता चलता है कि वे पवित्र तुलसी के पौधे की बात कर रहे थे। इसके बाद नोइना तुलसी विरानी और तुलसी के पौधे दोनों के सामने हाथ जोड़कर झुकती है और माफी मांगती है।

नोइना को लगातार यह डर सताता है कि तुलसी की वापसी से उसकी जगह खतरे में पड़ सकती है। वह मिहिर के दिल में अपनी जगह बनाए रखने के लिए परेशान रहती है। तुलसी की उपस्थिति उसे असुरक्षित महसूस कराती है और वह हर समय सतर्क रहती है।

पारी की छुपी हुई सच्चाई

तुलसी की बेटी पारी अपनी हिंसक शादी की सच्चाई अपनी मां से छुपाने की कोशिश करती है। उसे लगता है कि तुलसी उसके दर्द को नहीं समझ पाएंगी। पारी को इस बात का गहरा अफसोस है कि मां की चेतावनी और गुहार के बावजूद उसने तुलसी के फैसले का अपमान किया और दुष्ट रणविजय से शादी कर ली।

एक वीडियो कॉल के दौरान यह सामने आता है कि रणविजय विरानी हवेली में पार्टी कर रहा है। सभी की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर वह अपने दोस्तों के साथ शराब पीकर नाच रहा है। यह दृश्य रणविजय के असली चरित्र को उजागर करता है और दर्शकों को पारी की मजबूरी का अहसास कराता है।

पारी अपनी परेशानी को छुपाने में कितनी सफल रहेगी, यह आने वाले एपिसोड में देखना दिलचस्प होगा।

बापूजी का खास तोहफा

बापूजी तुलसी से अपने परिवार के समारोहों में हिस्सा लेने और अपनी बहू पर शगुन की चुनरी चढ़ाने के लिए कहते हैं। तुलसी पूछती हैं कि क्या वह अपने हाथ से बनाया हुआ दुपट्टा इस्तेमाल कर सकती हैं, जो उन्होंने परिवार के लिए प्यार और सम्मान से तैयार किया है। सभी तुलसी की सोच की तारीफ करते हैं और वह पारंपरिक रस्में पूरी करती हैं।

तुलसी और मिहिर को बापूजी से एक अप्रत्याशित उपहार भी मिलता है। जब वे उसे खोलते हैं तो पता चलता है कि वह एक जोड़ी अंगूठियां हैं। यह तोहफा दोनों के लिए खास होने के साथ-साथ थोड़ा अजीब भी है, क्योंकि उनके बीच का रिश्ता अभी तनावपूर्ण है।

यह उपहार तुलसी और मिहिर दोनों के लिए मिली-जुली भावनाएं लेकर आता है। एक तरफ यह परिवार का प्यार दिखाता है, तो दूसरी तरफ उनकी असलियत को छुपाने की मजबूरी को भी उजागर करता है।

आगे क्या होगा

आने वाले एपिसोड में और भी पारिवारिक नाटक देखने को मिलेगा। तुलसी को पारी और रणविजय की शादी की भयानक सच्चाई का पता चलेगा। जब उन्हें पता चलेगा कि रणविजय उनकी बेटी के साथ मारपीट करता है, तो वह कैसे प्रतिक्रिया देंगी, यह देखना बेहद रोचक होगा।

स्मृति ईरानी के इस पारिवारिक धारावाहिक में तुलसी और मिहिर की जिंदगी में आने वाले क्लासिक ट्विस्ट का आनंद लेने के लिए दर्शक OTTplay Premium के जरिए इसे देख सकते हैं। शो JioHotstar पर भी उपलब्ध है।

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 की खासियत

यह धारावाहिक भारतीय परिवारों की जटिलताओं, रिश्तों की उलझनों और परंपरा बनाम आधुनिकता के बीच संघर्ष को बखूबी दिखाता है। तुलसी का किरदार एक मजबूत महिला का प्रतिनिधित्व करता है जो हर हाल में अपने परिवार को संभालती है।

एकता कपूर की यह कहानी दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़े रखती है। हर एपिसोड में कुछ नया घटित होता है जो दर्शकों को अगले एपिसोड का इंतजार करने पर मजबूर कर देता है।

कैसे देखें शो

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 स्टार प्लस पर हर रोज रात 10:30 बजे प्रसारित होता है। इसके अलावा दर्शक इसे JioHotstar पर भी देख सकते हैं, जो OTTplay Premium के साथ उपलब्ध है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो टीवी पर शो नहीं देख पाते।

एपिसोड 167 में दिखाए गए तुलसी-मिहिर के बीच के तनाव, पारी की छुपी परेशानी और नोइना की बढ़ती असुरक्षा ने कहानी को और दिलचस्प बना दिया है। आने वाले एपिसोड में क्या होगा, यह देखना बाकी है। क्या तुलसी अपनी बेटी को बचा पाएंगी? क्या मिहिर और तुलसी फिर से एक हो पाएंगे? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दर्शकों को शो से जुड़े रहना होगा।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।