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370 की बिरयानी! मामले में प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR, डेड बॉडी पर जोक मारने वाली महिला डॉक्टर भी आई लपेटे में

370 की बिरयानी! मामले में प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR, डेड बॉडी पर जोक मारने वाली महिला डॉक्टर भी आई लपेटे में
370 की बिरयानी! मामले में प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR, डेड बॉडी पर जोक मारने वाली महिला डॉक्टर भी आई लपेटे में (Pic Credit- X @govindprataps12)

370 रुपये की बिरयानी को लेकर किए गए कथित विवादित मजाक ने अब कानूनी रूप ले लिया है। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रनीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और महिला डॉक्टर सेजल पवार के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर सेल ने FIR दर्ज की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है।

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Dipali Kumari
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Pranit More: स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रनीत मोरे और उनके शो से जुड़े कुछ अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र साइबर सेल ने गुरुवार को प्रनीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अश्लील सामग्री के प्रसार के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए कुछ वीडियो क्लिप्स के आधार पर की गई है।

FIR में लगाए गए ये आरोप

महाराष्ट्र साइबर सेल के अनुसार यह मामला मुंबई स्थित नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। आरोप है कि गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान कुछ ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों के प्रति अपमानजनक माना गया। बाद में इन वीडियो क्लिप्स को यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार एक वायरल क्लिप में हिमांशु जांगड़ा ने एक डेट का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने बिरयानी पर 370 रुपये खर्च किए थे और इसके बदले महिला से शारीरिक संबंध की अपेक्षा जताई थी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा और सहमति जैसे गंभीर मुद्दों का मजाक उड़ाने वाली है।

डेड बॉडी पर जोक मारने वाली डॉक्टर पर भी FIR

वहीं एक अन्य वीडियो में डॉक्टर सेजल पवार मेडिकल पढ़ाई के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले शवों (कैडेवर) को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करती दिखाई दीं। इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।

तीनों को भेजे गए समन

महाराष्ट्र साइबर सेल ने कहा है कि संबंधित सामग्री को अधिक दर्शक और ऑनलाइन कमाई हासिल करने के उद्देश्य से रिकॉर्ड, प्रचारित और प्रसारित किया गया। मामले की जांच के दौरान प्रनीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है और उनसे बयान दर्ज कराने को कहा गया है।

NCW ने लिया स्वतः संज्ञान

इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को समन जारी किया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में त्वरित कार्रवाई करने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है कि महिलाओं की सहमति, सम्मान और शारीरिक स्वायत्तता को कमजोर करने वाली टिप्पणियों का सामान्यीकरण समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इससे महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों पर गलत संदेश जाता है।

तीनों ने मांगी माफ़ी, लेकिन नहीं था विवाद

विवाद बढ़ने के बाद प्रनीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। हालांकि, इसके बावजूद कार्रवाई जारी है। हिमांशु जांगड़ा को उनकी कंपनी स्टारविक डिजाइन ने नौकरी से निकाल दिया है, जबकि मुंबई के केईएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज ने डॉ. सेजल पवार के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल महाराष्ट्र साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। यह विवाद अब केवल एक कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पेशेवर जिम्मेदारी, सामाजिक मर्यादा और मनोरंजन की सीमाओं को लेकर भी बड़ी बहस का विषय बन गया है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।